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छत्तीसगढ़ में भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी रोकने नया कानून, पेपर लीक पर 1 करोड़ तक जुर्माना…

Chhattisgarh exam cheating law 2026: छत्तीसगढ़ में भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता लाने के लिए राज्य सरकार सख्त कानून लाने की तैयारी कर रही है।

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छत्तीसगढ़ में भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी रोकने नया कानून, पेपर लीक पर 1 करोड़ तक जुर्माना...(photo-patrika)

छत्तीसगढ़ में भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी रोकने नया कानून, पेपर लीक पर 1 करोड़ तक जुर्माना...(photo-patrika)

Chhattisgarh exam cheating law 2026: छत्तीसगढ़ में भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता लाने के लिए राज्य सरकार सख्त कानून लाने की तैयारी कर रही है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में सरकार विधानसभा के वर्तमान बजट सत्र में “छत्तीसगढ़ (लोक भर्ती एवं व्यावसायिक परीक्षाओं में अनुचित साधनों की रोकथाम) विधेयक-2026” पेश करेगी। इस कानून का उद्देश्य भर्ती परीक्षाओं में नकल, पेपर लीक और अन्य गड़बड़ियों पर सख्ती से रोक लगाना है।

Chhattisgarh exam cheating law 2026: नकल करते पकड़े जाने पर 5 साल तक जेल

प्रस्तावित कानून के तहत यदि कोई परीक्षार्थी भर्ती परीक्षा में नकल करते पकड़ा जाता है तो उसे एक से पांच साल तक की जेल और पांच लाख रुपये तक का जुर्माना भरना पड़ सकता है। सरकार का मानना है कि इससे परीक्षा प्रणाली में अनुचित साधनों के इस्तेमाल पर रोक लगेगी।

पेपर लीक या नकल कराने वाले गिरोह पर कड़ी सजा

विधेयक में यह भी प्रावधान किया गया है कि यदि कोई व्यक्ति या गिरोह पेपर लीक कराने या नकल कराने में शामिल पाया जाता है तो उसके खिलाफ कठोर कारावास के साथ एक करोड़ रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकेगा। इससे संगठित तरीके से होने वाली परीक्षा गड़बड़ियों पर अंकुश लगाने की कोशिश की जा रही है।

कोचिंग संस्थानों के लिए भी सख्त नियम

नए कानून में कोचिंग संस्थानों को लेकर भी सख्त प्रावधान किए गए हैं। अब कोई भी कोचिंग संस्थान चयन की “100 प्रतिशत गारंटी” देकर छात्रों को गुमराह नहीं कर सकेगा। भ्रामक विज्ञापन या सफलता के झूठे दावे करना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।

CGPSC भर्ती घोटाले के बाद सख्ती

राज्य सरकार का यह कदम CGPSC 2021–22 भर्ती घोटाले के बाद उठाया जा रहा है। इस मामले में तत्कालीन अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी से जुड़े भ्रष्टाचार के आरोप सामने आए थे। जांच के दौरान यह भी खुलासा हुआ था कि कथित वसूली तंत्र एनजीओ और कुछ कोचिंग संस्थानों तक फैला हुआ था।

युवाओं का भरोसा बहाल करने की कोशिश

सरकार का कहना है कि इस नए कानून के जरिए भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाएगी और युवाओं का विश्वास बहाल किया जाएगा। साथ ही परीक्षा प्रक्रिया को पूरी तरह निष्पक्ष और सुरक्षित बनाने की दिशा में सख्त कदम उठाए जाएंगे।