CG Winter Session: एक बार सदन की कार्यवाही पांच मिनट के लिए स्थगित करनी पड़ी। दूसरी बार विधानसभा अध्यक्ष को हस्तक्षेप कर सत्ता-विपक्ष के विधायकों को शांत कराना पड़ा।
CG Winter Session: विधानसभा में शीतकालीन सत्र के अंतिम दिन प्रदेश में बढ़ते अपराध को लेकर विपक्ष और सत्तापक्ष के बीच जमकर तकरार हुई। इस मुद्दे पर विपक्ष के विधायकों ने स्थगन प्रस्ताव लाया था। इसकी ग्राह्यता पर चर्चा के दौरान विपक्ष और सत्ता के बीच जमकर हंगामा हुआ।
एक बार सदन की कार्यवाही पांच मिनट के लिए स्थगित करनी पड़ी। दूसरी बार विधानसभा अध्यक्ष को हस्तक्षेप कर सत्ता-विपक्ष के विधायकों को शांत कराना पड़ा। स्थगन प्रस्ताव अस्वीकार होने पर विपक्ष के सदस्य नारेबाजी करते हुए गर्भगृह में आ गए। इसकी वजह से विपक्ष के सभी विधायक स्वयंमेव निलंबित हो गए। इसके बाद विपक्ष के विधायकों विधानसभा परिसर स्थित गांधी प्रतिमा के पास विरोध भी जताया।
विधानसभा में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा, छत्तीसगढ़ में अपराधियों के हौसले बुलंद हो गए हैं। शांति का टापू अशांत हो गया है। चाकूबाजी की घटनाएं लगातार हो रही हैं। हत्या, दुष्कर्म, अवैध खनन हो रहे हैं। कस्टोडियल डेथ भी हुए हैं। नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत ने कहा, इस सरकार के तथाकथित सुशासन में मजूदर, किसान, बेरोजगार, युवा, व्यवसायी सभी दुखी है। यहां चोर-उचक्के, भ्रष्टाचारी, मर्डर और माफिया बहुत खुश है। यह आपके तथाकथित सुशासन का परिणाम है।
सदन की कार्यवाही दोबारा शुरू होने पर विधायक पटेल ने फिर विधायक पर हुई एफआईआर का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा, सात दिन पहले उनके पति के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार उनके परिवार को टारगेट कर रही है।
इसे लेकर फिर हंगामा और नारेबाजी का दौर शुरू हो गया। दोनों पक्षों को शांत कराने के लिए विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह को हस्तक्षेप करना पड़ा। उन्होंने कहा, मैं शून्यकाल में सभी को समय दे रहा हूं। नारेबाजी करके क्या कर लेंगे? मैं सबको अवसर दे रहा हूं और सुन रहा हूं। दोनों सदस्यों से आग्रह है कि इसका उपयोग करें। नारेबाजी छोड़ अपने मुद्दे पर आ जाए।
CG Winter Session: जबकि गृह निर्माण सोसायटियों की कई ऐसी पुरानी कॉलोनियां जो नगर निगम को हस्तांतरित हो चुकी है, वहां निगम व अन्य निकायों द्वारा पानी-बिजली की आपूर्ति की जाती है। फिर से सोसायटियों से एनओसी की मांग करना गलत है। उन्होंने आरोप लगाया कि सोसाटियों के चेयरमैन द्वारा एनओसी देने के लिए प्रति वर्ग फुट 200 से 500 रुपए तक की मांग की जाती है।
इसलिए विभागीय मंत्री से मांग है कि पुरानी सोसायटी में एनओसी की जरूरत नहीं है ऐसी घोषणा की जाए। सहकारिता मंत्री केदार कश्यप ने कहा, इस तरह के जो भी मामले आएंगे कमेटी बनाकर निराकरण करेंगे।
कांग्रेस विधायक उमेश पटेल ने कहा, छत्तीसगढ़ में लगातार ऐसी घटनाएं हो रही हैं, जो प्रदेश में कभी नहीं हुई है। पुलिस का आत्मबल कम हो गया है। प्रदेश में लगातार क्राइम बढ़ते जा रहा है और पुलिस विपक्ष के विधायकों पर एफआईआर दर्ज करने में लगी है।
मंच पर स्लीप ऑफ टंग की वजह से विधायक उत्तरी जांगड़े पर एफआईआर दर्ज की जाती है। इस पर सत्तापक्ष के विधायकों ने गंभीर आपत्ति जताई। इसके बाद सदन में हंगामा और नारेबाजी होने लगी। पक्ष-विपक्ष में तीखी नोक-झोंक के बीच सदन की कार्यवाही 5 मिनट के लिए स्थगित की गई।