
पुलिस और NGO ने रायपुर के कारखानों में मारा छापा, 7 नाबालिग बाल मजदूरों का रेस्क्यू(photo-AI)
Raipur Child Labour Rescue: छत्तीसगढ़ के रायपुर के औद्योगिक क्षेत्रों में नाबालिगों से मजदूरी करवाने के मामले में पुलिस और एनजीओ की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई की है। उरला, सिलतरा और खमतराई इलाके के फैक्ट्री और कारखानों में दबिश देकर टीम ने 7 नाबालिग बच्चों को बाल श्रम से मुक्त कराया है। ये बच्चे अपनी कम उम्र के बावजूद भारी मशीनों और खतरनाक रसायनों के बीच काम करने को मजबूर थे।
पुलिस के अनुसार जिन संस्थानों में छापेमारी की गई उनमें सोनी प्लाईवुड इंडस्ट्री, शैमरॉक ओवरसीज प्राइवेट लिमिटेड, इद्राक्षी पाली प्लास्टर एलएलपी प्लांट और सन लॉजिस्टिक एंड डिस्ट्रीब्यूटर शामिल हैं। इन कंपनियों में नाबालिगों से काम कराए जाने की शिकायतें लगातार मिल रही थीं।
एनजीओ एसोसिएशन फॉर वालेंट्री एक्शन छत्तीसगढ़ के रायपुर समन्वयक विपिन ठाकुर ने बताया कि शिकायतों के आधार पर पुलिस को सूचना देकर चार कंपनियों में छापा मारा गया। कार्रवाई के दौरान उरला इलाके से तीन और खमतराई इलाके से चार नाबालिग बच्चों को रेस्क्यू किया गया।
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि कुछ कंपनियों में ठेकेदारों के जरिए नाबालिगों से काम कराया जा रहा था। इस मामले में कंपनी संचालकों और शैमरॉक ओवरसीज प्राइवेट लिमिटेड में नाबालिग से काम करवाने वाले ठेकेदार के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। रेस्क्यू किए गए बच्चों से उद्योगों और बेकरियों में काम करवाया जा रहा था। मामले की पूरी रिपोर्ट वरिष्ठ अधिकारियों को भेज दी गई है और आगे की कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस और प्रशासन का कहना है कि बाल श्रम के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। औद्योगिक क्षेत्रों में समय-समय पर जांच कर ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी।
Published on:
13 Mar 2026 10:28 am
