
CGPSC Scam: छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित CGPSC घोटाला मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के एडिशनल कलेक्टर चेतन बरघोरिया को गिरफ्तार किया है। मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामले में कोर्ट ने उन्हें 6 दिन की ED रिमांड पर भेजा है। ADM की गिरफ्तारी को लेकर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रविवार, 13 सितंबर को बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि सरकार अपराध के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है और दोषी पाए जाने पर किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि उनकी सरकार में कोई भी व्यक्ति अपराध करता है तो उसकी जांच की जाएगी। जांच में दोषी पाए जाने पर उसके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई होगी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अपराध करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
प्रवर्तन निदेशालय ने शुक्रवार को बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के ADM चेतन बरघोरिया से पूछताछ की थी। पूछताछ के बाद ED ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद जांच एजेंसी ने उन्हें विशेष अदालत के सामने पेश किया और मामले में आगे की पूछताछ के लिए रिमांड की मांग की।
कोर्ट में ED की ओर से चेतन बरघोरिया और उत्कर्ष चंद्राकर के बीच WhatsApp चैट मिलने का हवाला दिया गया। एजेंसी ने मामले की जांच में इस डिजिटल बातचीत को अहम आधार बताया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने चेतन बरघोरिया को 6 दिन की ED रिमांड पर भेज दिया।
CGPSC घोटाला मामले में ED मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही है। ADM की गिरफ्तारी के बाद मामले में जांच का दायरा और बढ़ने की संभावना है। ED रिमांड के दौरान चेतन बरघोरिया से मामले से जुड़े लेन-देन और अन्य संदिग्ध गतिविधियों को लेकर पूछताछ की जा रही है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 18वें BRICS शिखर सम्मेलन को लेकर भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि नई दिल्ली के भारत मंडपम में BRICS देशों के राष्ट्राध्यक्ष जुटे हैं। इस बार भारत को BRICS समिट की मेजबानी करने का सौभाग्य मिला है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत इस महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है।