
Raipur Breaking News: त्योहार के बीच नई मुसीबत(photo-patrika)
Raipur Breaking News: छत्तीसगढ़ के रायपुर नगर निगम एक ओर शहर के जर्जर भवनों के मालिकों को नोटिस जारी कर रहा है, वहीं दूसरी ओर सदरबाजार में शुक्रवार को करीब 100 साल पुराना जर्जर दो मंजिला भवन का हिस्सा गिर गया। गनीमत रही कि हादसे के समय दुकानें बंद थीं, जिससे बड़ा जनहानि का खतरा टल गया। हादसे के बाद शनिवार को निगम की टीम मौके पर पहुंची और भवन के बचे हुए हिस्से को गिराने की कार्रवाई शुरू की। इसके लिए सदरबाजार की सड़क को करीब 24 घंटे तक ब्लॉक रखना पड़ा।
सदरबाजार की व्यस्त सड़क पर जर्जर भवन का हिस्सा गिरने के बाद निगम के सामने बाकी ढांचे को सुरक्षित तरीके से हटाने की चुनौती थी। शनिवार को दिनभर तैयारी और पीपल पेड़ की जड़ों को हटाने का काम कराया गया। रात में दुकानें बंद होने के बाद तेलीबांधा क्षेत्र से चेन माउंट मशीन मंगाई गई। रात करीब 1 बजे मशीन पहुंचने के बाद भवन के बचे हुए जर्जर हिस्से को गिराने की कार्रवाई शुरू की गई। इसके बाद निगम अमले ने मलबा हटाने का काम किया।
जर्जर भवन सदरबाजार रोड पर सहेली ज्वेलर्स के सामने स्थित है। बताया गया कि करीब 100 साल पुराने इस दो मंजिला भवन की दीवारों में पीपल के पेड़ की जड़ें फैल चुकी थीं। जड़ों ने दीवार को अपनी चपेट में ले लिया था। इसी वजह से भवन का छज्जा सड़क की ओर गिर गया। मौके पर जोन-4 कमिश्नर डॉ. दिव्या चंद्रवंशी और कार्यपालन अभियंता शेखर सिंह समेत निगम की टीम मौजूद रही।
सदरबाजार शहर के सबसे व्यस्त इलाकों में शामिल है। यहां सामान्य दिनों में भी दिनभर जाम जैसी स्थिति बनी रहती है। इस समय गणेशोत्सव के कारण बाजार और आसपास के इलाकों में भीड़ और बढ़ गई है। गणेश प्रतिमाओं और झांकियों का आवागमन भी इन्हीं प्रमुख रास्तों से हो रहा है। ऐसे में अगर भवन का बड़ा हिस्सा भीड़ के बीच गिरता तो गंभीर हादसा हो सकता था।
नगर निगम ने शहर में 138 से ज्यादा जर्जर भवनों की सूची तैयार की है। इन भवनों के मालिकों को नोटिस जारी किए गए हैं। हालांकि, कार्रवाई को लेकर सवाल भी उठ रहे हैं। कई मामलों में निगम की कार्रवाई नोटिस जारी करने तक सीमित होने की बात सामने आई है। सदरबाजार की घटना के बाद जर्जर भवनों को लेकर निगम की कार्रवाई पर फिर सवाल उठने लगे हैं।
नगर निगम के रिकॉर्ड के अनुसार शहर के अलग-अलग जोन में कुल 160 जर्जर भवन सूचीबद्ध हैं। इनमें जोन-1 में 10, जोन-2 में 8, जोन-3 में 9, जोन-4 में 47, जोन-5 में 12, जोन-6 में 36, जोन-7 में 14 और जोन-8 में 24 जर्जर भवन शामिल हैं। वहीं, जोन-9 और जोन-10 में फिलहाल कोई जर्जर भवन सूचीबद्ध नहीं है। सबसे ज्यादा 47 जर्जर भवन जोन-4 में हैं, जो शहर के मध्य क्षेत्र का प्रमुख हिस्सा है।
निगम अधिकारियों के मुताबिक सदरबाजार के इस भवन के मालिक को 25 से ज्यादा नोटिस जारी किए जा चुके हैं। हालांकि, भवन की खरीद-बिक्री को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद कोर्ट में चल रहा है। इसी वजह से भवन को गिराने की कार्रवाई नहीं की जा सकी। निगम का कहना है कि ऐसे मामलों में कानूनी प्रक्रिया के कारण कार्रवाई में देरी होती है।
सदरबाजार में जिस जर्जर भवन का हिस्सा गिरा, उसके दोनों तरफ दो से तीन मंजिला इमारतें हैं। इनमें से एक भवन को पहले ही जर्जर घोषित किया जा चुका है। ऐसे में एक भवन के गिरने से आसपास की इमारतों और राहगीरों के लिए भी खतरा बना हुआ था।
जोन-4 कमिश्नर डॉ. दिव्या चंद्रवंशी के अनुसार शनिवार सुबह से पीपल के पेड़ की कटाई का काम कराया गया। रात में दुकानें बंद होने के बाद चेन माउंट मशीन की मदद से जर्जर हिस्से को गिराया गया और मलबा हटाया गया। निगम की ओर से तोड़फोड़ का एस्टीमेट तैयार किया जाएगा और भवन गिराने में आया पूरा खर्च संबंधित भवन मालिक से वसूला जाएगा।
जोन-4 कमिश्नर ने बताया कि जोन के सभी जर्जर भवन मालिकों को नोटिस जारी किए गए हैं। नियम के अनुसार जर्जर भवन को सुरक्षित तरीके से गिराने की जिम्मेदारी भवन मालिक की है। उन्होंने बताया कि जोन-4 में 47 जर्जर भवन हैं और इनमें से अधिकांश मामले आपसी विवाद के कारण कोर्ट में लंबित हैं। सदरबाजार के भवन से जुड़े टैक्स और अन्य रिकॉर्ड की भी जांच की जाएगी।
Updated on:
13 Sept 2026 01:11 pm
Published on:
13 Sept 2026 01:11 pm
