
मालिकों को बड़ी राहत(photo-patrika)
Raipur Property Tax: छत्तीसगढ़ के रायपुर नगर निगम क्षेत्र में खाली भूखंडों पर प्रॉपर्टी टैक्स को लेकर निगम प्रशासन ने नई व्यवस्था स्पष्ट कर दी है। अब ऐसे भूखंडों पर टैक्स रजिस्ट्री की तारीख से नहीं, बल्कि डायवर्सन (भूमि उपयोग परिवर्तन) की तिथि से लगाया जाएगा। निगम के अनुसार इससे लंबे समय से चली आ रही भ्रम की स्थिति समाप्त होगी और लोगों को मनमानी टैक्स वसूली से राहत मिलेगी। साथ ही नागरिकों से समय पर सेल्फ असेसमेंट जमा करने और संपत्ति संबंधी सही जानकारी उपलब्ध कराने की अपील की गई है।
नगर निगम की राजस्व उपायुक्त डॉ. अंजलि शर्मा ने स्पष्ट किया है कि ऐसे खाली भूखंड, जिनका डायवर्सन नहीं हुआ है और जो राजस्व रिकॉर्ड में कृषि या पड़त भूमि के रूप में दर्ज हैं, उन पर प्रॉपर्टी टैक्स नहीं लगेगा। हालांकि, यदि ऐसे भूखंडों का व्यावसायिक उपयोग किया जा रहा है, तो नियमानुसार टैक्स देय होगा।
निगम ने नागरिकों से हर वित्तीय वर्ष में 31 मार्च से पहले सेल्फ असेसमेंट (स्व-विवरणी) जमा करने की अपील की है। छत्तीसगढ़ नगर पालिक निगम अधिनियम, 1956 के तहत यह सभी संपत्ति धारकों के लिए अनिवार्य है।
यदि कोई संपत्ति धारक निर्धारित समय में सेल्फ असेसमेंट जमा नहीं करता है, तो उस पर 1,000 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। वहीं, गलत जानकारी देकर वास्तविक टैक्स से कम कर निर्धारित कराने और जांच में 10 प्रतिशत से अधिक का अंतर मिलने पर अंतर राशि का पांच गुना तक जुर्माना लगाया जा सकता है। इसके अलावा 2 प्रतिशत प्रतिमाह अधिभार और अन्य वैधानिक कार्रवाई भी की जाएगी।
नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि किसी भी संपत्ति की खरीद-बिक्री के तीन माह के भीतर नामांतरण (स्वामित्व परिवर्तन) की सूचना देना अनिवार्य है। समय पर नामांतरण नहीं कराने पर कर निर्धारण और अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं में परेशानी हो सकती है।
निगम प्रशासन ने नागरिकों से संपत्ति संबंधी सही और अद्यतन जानकारी उपलब्ध कराने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि सही जानकारी देने से टैक्स निर्धारण में पारदर्शिता आएगी और अनावश्यक विवादों से बचा जा सकेगा।
Updated on:
07 Aug 2026 09:00 am
Published on:
07 Aug 2026 09:00 am
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