
CGPSC Exam Result 2023: छत्तीसगढ़ के रायपुर में छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (सीजीपीएससी) 2023 की फाइनल मेरिट सूची बुधवार की रात जारी कर दी गई। 17 राज्य प्रशासनिक सेवाओं के लिए 242 पदों हेतु जून में हुई मुख्य परीक्षा में 3597 अभ्यर्थी शामिल हुए थे। जिसके बाद 703 अभ्यर्थियों का चयन साक्षात्कार के लिए किया गया था।
चयनित अभ्यर्थियों का पीएससी की ओर से 18 से 28 नवंबर तक साक्षात्कार और दस्तावेज सत्यापन किया गया। बुधवार को फाइनल मैरिट सूची जारी कर दी। मैरिट सूची के अनुसार बलौदाबाजार केे रविशंकर वर्मा ने टॉपर रहे। वहीं, बिलासपुर की मृणमयी शुक्ला सेकंड टॉपर रहीं।
मेरिट सूची अभ्यर्थियों की लिखित परीक्षा और साक्षात्कार में प्राप्त अंकों के कुल योग के आधार पर जारी की गई है। अभ्यर्थी मेरिट सूची को सीजीपीएससी की आधिकारिक बेवसाइट www.psc.cg.gov.in में देख सकते हैं।
डिप्टी कलेक्टर, छग राज्य वित्त सेवा अधिकारी, खाद्य अधिकारी, जिला आबकारी अधिकारी, जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी, जिला पंजीयक, राज्य कर सहायक आयुक्त, अधीक्षक जेल जिला, सहायक संचालक आदिम जाति, अनुसूचित जनजाति सहायक पंजीयक, जिला सेनानी, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत, बाल विकास परियोजना अधिकारी, छत्तीसगढ़ अधीनस्थ लेखा सेवा अधिकारी, नायाब तहसीलदार, राज्य कर निरीक्षक, सहायक निरीक्षक, सहकारिता विस्तार अधिकारी का पद शामिल है।
रविशंकर वर्मा
मृणमयी शुक्ला तिवारी
आस्था शर्मा
किरण राजपूत
नंदिनी
सोनल यादव
दिव्यांश सिंह चौहान
शशांक कुमार
पुनीत राम
उत्तम कुमार
रायपुर के सीजीपीएससी (CGPSC Exam Result 2023) टॉपर रविशंकर वर्मा ने बताया कि वे अभी बैकुंठपुर में रोजगार अधिकारी हैं। ट्रेनिंग के लिए निमोरा में हैं। जब रिजल्ट आया तो दोस्तों ने फोन कर सूचना दी। उन्होंने बताया, यह मेरा पांचवां प्रयास था। तीसरे प्रयास में रोजगार अधिकारी बन गया था लेकिन मेरा लक्ष्य डिप्टी कलेक्टर ही था।
रविशंकर बलौदाबाजार जिले के पलारी ब्लॉक के गांव कोसमंदी के रहने वाले हैं। आठवीं तक की पढ़ाई गांव में करने के बाद रायपुर से पढ़े। उन्होंने बताया, मेरा इंटरव्यू 26 नवंबर को हुआ था। इसमें करंट अफेयर्स और हॉबी से जुड़े सवाल पूछे गए। क्रिकेट में लेटेस्ट प्लेयर के बारे में पूछा गया। पिता बालकृष्ण वर्मा और मां योगेश्वरी किसानी करते हैं।
रविशंकर ने टॉपर मंत्र देते हुए कहा कि पढ़ाई में एकाग्रता जरूरी है। इसके बिना आप सफल नहीं हो सकते। पीएससी की तैयारी में धैर्य बहुत जरूरी होता है। प्रयास करते रहिए, जरूर सफल होंगे।
बिलासपुर निवासी सेकंड टॉपर मृणमयी शुक्ला तिवारी ने बताया ने बताया, यह मेरा छठवां प्रयास था। 2018 में मेरी छठवीं रैंक आई और मेरा चयन अधीनस्थ लेखा सेवा अधिकारी के तौर पर हुआ। पति निलय तिवारी सिम्स में मेडिकल ऑफिसर हैं। इंटरव्यू 20 नवंबर को हुआ था। इसमें पूछा गया कि मैं जॉब क्यों स्वीच कर रहीं हैं, मैंने कहा कि फील्ड में जाना था।
पीएमजीएसवाय का बजट पूछा गया। गांधीजी कब आए थे। नाम का अर्थ पूछा, तो मैंने कहा मिट्टी। उन्होंने मिट्टी के प्रकार पूछ लिए। इसके बाद शकुनि और मंथरा में अंतर पूछा। मेरा जवाब था कि शकुनि बदले की भावना से प्रेरित रहा और उसे कभी पश्चाताप नहीं हुआ जबकि मंथरा को पछतावा हुआ था।
मृणमयी ने बताया, मेरे भैया एश्वर्य शुक्ला मेरे प्रेरणास्रोत रहे। हम सबने मिलकर यह सपना देखा था। दुर्भाग्य कहिए कि वे कोरोना में चल बसे लेकिन यह सफलता मैं उन्हें समर्पित करती हूं।
मृणमयी ने सक्सेस मंत्र साझा करते हुए कहा कि कभी भी हार नहीं माननी है। धैर्य के साथ कड़ी मेहनत करनी है। खुद पर भरोसा बहुत जरूरी है। यह भरोसा आपको टूटने नहीं देता। मृणमयी ने अपनी सफलता का श्रेय ससुराल पक्ष को देेते हुए कहा कि मुझे कभी अहसास नहीं होने दिया गया कि मैं मायका छोड़कर ससुराल आई हूं।