छत्तीसगढ़: दुष्कर्म की 8 ऐसी दर्दनाक घटना, पढ़कर खून खौल जाएगा
रायपुर. पुलिस प्रशासन अपराधियों पर शिकंजा कसने का पुरजोर दावा कर रही है, तो वहीं इनके दावे को अपराधी ठेंगा दिखाने लगे हैं। एक माह में राजधानी के बढ़ते अपराध के ग्राफ ने चौंका दिया है। दरअसल, राज्य की राजधानी रायपुर में हत्या, बलात्कार और बलवा जैसे गंभीर अपराध सामने आने लगे हैं। जिन्हें रोकने में पुलिस महकमा पूरी तरह से असफल रही है। पिछले 30 दिन में 8 बलात्कार, 4 हत्या और 4 बलवा के मामले पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रही है।
उल्लेखनीय है कि राजधानी में लगातार बढ़ते अपराध पर अंकुश लगाने पुलिस प्रशासन गुंडे-बदमाशों की धरपकड़ की कार्यवाही की है। बावजूद इसके शहर में अपराध कम होने के बजाए अपराधियों का हौसला और बुलंद होने लगा है। आलम ये है कि बलात्कार, हत्या और बलवा जैसे संगीन अपराधों की संख्याा बढऩे लगी है और राजधानीवासियों में ऐसे अपराधियों का खौफ नजर आने लगे हंै।
लिहाजा, हजारों पुलिस सुरक्षा के बावजूद राजधानीवासियों को खौफ के साए में जीवन यापन करना पड़ रहा है। अब सवाल ये उठता है कि पुलिस पेट्रोलिंग, मोटरसाइकिल पेट्रोलिंग होने के बाद भी अपराधियों में पुलिस का डर क्यों नहीं है। आखिरकार किनके द्वारा ऐसे अपराधियों को संरक्षण मिल रहा है। जिसकी वजह से आए दिन अपराधियों और अपराध की संख्या में इजाफा होने लगा है।
आधे से अधिक मामले विवेचना में
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार 24 दिन में हुए 19 अपराधों में मुश्किल से कम मामले में आरोपियों को हिरासत में लेकर जेल भेजा गया है। वहीं आधे से अधिक मामले अभी तक पेंडिंग में है। जिनकी जांच विवेना अधिकारियों के हाथों में सौंपा गया है। इसके अलावा क्राइम ब्रांच की टीम को भी सभी मामले सुलझाने निर्देश दिए गए हैं।
संकरी गलियों में गश्त लगाने के निर्देश
एडिशनल एसपी सिटी प्रफुल्ल ठाकुर का कहना कि लगातार हमारी पेट्रोलिंग की टीम शहर में चल रही है। वहीं आउटर में भी हमारी डायल 112 की टीम भी जा रही है। जिस बस्ती में मर्डर हुआ वह एक संकरी गली है, जिसमें हमारी पेट्रोलिंग टीम नहीं पहुंच पाई। वहीं इस जैसे सघन सकरी गली में पैदल भी गश्त करने के लिए हमारे जवानों को निर्देश दिए गए है।