Chhattisgarh Census 2027: छत्तीसगढ़ में जनगणना 2026 के तहत मकान सूचीकरण और सत्यापन का कार्य जारी है, जिसमें अब तक 60.73% काम पूरा हो चुका है। ग्रामीण क्षेत्रों में प्रगति बेहतर है, जबकि शहरी इलाकों में काम की रफ्तार धीमी बनी हुई है।
Chhattisgarh Census 2027: छत्तीसगढ़ में जनगणना 2026 को लेकर राज्यभर में मकान सूचीकरण ब्लॉकों के गठन और सत्यापन का कार्य तेजी से जारी है। अब तक राज्य में कुल 60.73 प्रतिशत कार्य पूरा किया जा चुका है। 48,742 ब्लॉकों में से 29,602 ब्लॉकों का कार्य पूर्ण हो चुका है, जबकि शेष क्षेत्रों में प्रगणक लगातार घर-घर जाकर डेटा एकत्र कर रहे हैं। डिजिटल जनगणना के तहत मोबाइल एप से जानकारी एकत्र की जा रही है। शहरी क्षेत्रों में काम की गति धीमी है, जबकि ग्रामीण इलाकों में प्रगति अपेक्षाकृत बेहतर देखी जा रही है।
जनगणना के दौरान सबसे बड़ी चुनौती बंद दरवाजों और खाली मकानों की सामने आ रही है। कई घरों के बंद होने के कारण प्रगणकों को बार-बार दौरा करना पड़ रहा है। ऐसे मकानों का अंतिम सत्यापन 30 मई के बाद ही किया जाएगा, जिससे कार्य की गति प्रभावित हो रही है।
राज्य के ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों की तुलना में शहरी इलाकों में काम की गति चिंताजनक रूप से धीमी है। नगर निगम क्षेत्रों में सूचीकरण कार्य अपेक्षित स्तर तक नहीं पहुंच पाया है, जिससे प्रशासन की चिंता बढ़ गई है।
राजधानी रायपुर में 1,964 ब्लॉकों में से केवल 203 ब्लॉक ही पूरे हो पाए हैं, जो कुल लक्ष्य का मात्र 10.34 प्रतिशत है। भिलाई नगर में 7.84 प्रतिशत और रिसाली में 8.33 प्रतिशत कार्य ही पूरा हुआ है। वहीं रायगढ़ नगर निगम की स्थिति सबसे खराब बताई जा रही है, जहां मात्र 4.65 प्रतिशत कार्य हुआ है।
इस बार देश में पहली बार जनगणना पूरी तरह डिजिटल माध्यम से की जा रही है। प्रगणक मोबाइल एप के माध्यम से 33 प्रश्नों की जानकारी एकत्र कर रहे हैं। राज्य में 16 से 30 अप्रैल के बीच 1,49,862 परिवारों ने स्व-गणना पोर्टल के जरिए अपनी जानकारी स्वयं दर्ज कर भागीदारी निभाई है।
कई मामलों में स्व-गणना के बाद प्रगणकों द्वारा सत्यापन (वेरिफिकेशन) पूरा नहीं हो पाया है। ऐसे मामलों में प्रगणक दोबारा जाकर जानकारी भर रहे हैं, जिससे कार्य में अतिरिक्त समय लग रहा है। जिन जिलों और नगर निगमों में कार्य की गति धीमी है, वहां विशेष नोडल अधिकारी तैनात करने के निर्देश दिए गए हैं। जिला कलेक्टरों और नगर निगम आयुक्तों को मॉनिटरिंग बढ़ाने को कहा गया है ताकि कार्य समय सीमा में पूरा हो सके।
राज्य स्तर पर जनगणना कार्य में गौरेला-पेंड्रा मरवाही जिला सबसे आगे है, जहां सभी 528 ब्लॉकों का कार्य पूरा हो चुका है। इसके अलावा जशपुर (99.87%), मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी (99.84%), बेमेतरा (97.8%) और मुंगेली (96.52%) जिलों में भी कार्य लगभग पूर्णता की ओर है।
अधिकारियों के अनुसार बचे हुए कार्य को तय समय सीमा में पूरा करना बड़ी चुनौती बना हुआ है। विशेषकर शहरी क्षेत्रों में धीमी प्रगति के कारण लक्ष्य हासिल करना मुश्किल माना जा रहा है।