रायपुर

शहीद जवानों को CM ने किया याद, बोले – पुलिस की नौकरी सिर्फ आजीविका का साधन नहीं बल्कि एक जज्बा

1959 में चीनी फौज के साथ मुठभेड़ में वीर जवानों की शहादत की याद में सीएम रमन सिंह ने उन्हें याद किया और पुष्प-चक्र अर्पित कर विनम्र श्रद्धांजलि दी।

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Oct 21, 2017
police commemoration day
शहीद जवानों को CM ने किया याद, बोले - पुलिस की नौकरी सिर्फ आजीविका का साधन नहीं बल्कि एक जज्बा

रायपुर . राज्य और देश में शांति और कानून - व्यवस्था बनाए रखने की बड़ी जिम्मेदारी पुलिस बल पर है, वे पूरी ईमानदारी, निष्ठा और मुस्तैदी से अपने कर्तव्यों का पालन कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल की चौथी बटालियन के माना स्थित परिसर में आयोजित राष्ट्रीय पुलिस स्मृति दिवस कार्यक्रम में पुलिस जवानों को संबोधित करते हुए यह बात कही। मुख्यमंत्री ने कहा- राष्ट्रीय पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर मैं उन अमर शहीदों को श्रद्धासुमन अर्पित करता हूं, जिन्होंने अपना सर्वोच्च बलिदान किया है। उन्होंने कहा- पुलिस की नौकरी सिर्फ आजीविका का साधन नहीं, बल्कि एक जज्बा है।

मुख्यमंत्री ने कहा- राज्य सरकार छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल की चार बटालियनों में पांच हजार 800 जवानों की भर्ती कर रही है अब तक 2800 भर्तियां हो चुकी हैं। इन बटालियनों के बारह सौ जवानों को प्रमोशन भी दिया जा रहा है। बस्तर के विकास के लिए भारत सरकार से सात सौ करोड़ रुपए का विशेष पैकेज जल्द मिलने वाला है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि बस्तर संभाग में पचास नए थाना भवन जल्द बनवाए जाएंगे। इस दौरान उन्होंने बस्तर को वर्ष 2020 तक नक्सल मुक्त करने का संकल्प भी दोहराया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने माना में आयोजित कार्यक्रम में परेड की सलामी ली। उन्होंने कर्तव्य निर्वहन के दौरान शहीद हुए पुलिस जवानों के बलिदानों को याद किया और पुष्प-चक्र अर्पित कर विनम्र श्रद्धांजलि दी। इस मौके पर उन्होंने छत्तीसगढ़ पुलिस के 23 शहीद जवानों को भी श्रद्धांजलि दी और उनके परिजनों से मिलकर संवेदना प्रकट की।

सीएम रमन सिंह के साथ गृहमंत्री रामसेवक पैकरा, संसदीय सचिव लाभचंद बाफना, गृहविभाग के प्रमुख सचिव बीव्हीआर सुब्रमण्यम, पुलिस महानिदेशक एएन उपाध्याय और राज्य पुलिस के अनेक वरिष्ठ अधिकारियों ने भी शहीदों को श्रद्धांजलि दी। छत्तीसगढ़ पुलिस के इस वर्ष शहीद हुए 23 जवानों की नामावली भी बटालियन परिसर स्थित शहीद स्मारक में रखी गई। मुख्यमंत्री ने चौथी बटालियन के नजदीक ऊर्जापार्क स्थित शहीद वाटिका में भी शहीदों को सलामी के साथ श्रद्धांजलि दी। बतादें कि लद्दाख में 21 अक्टूबर 1959 को चीनी फौज के साथ मुठभेड़ में भारतीय सुरक्षाबलों के वीर जवानों की शहादत की याद में देश में हर साल राष्ट्रीय पुलिस स्मृति दिवस मनाया जाता है।

Updated on:
21 Oct 2017 04:39 pm
Published on:
21 Oct 2017 04:33 pm
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