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अरुण साव के ‘कांग्रेस की कलह’ वाले बयान पर दीपक बैज का पलटवार, पूछा- बताएं इस्तीफा मांगा था या नहीं?

Deepak Baij Statement: छत्तीसगढ़ में कांग्रेस के 10 दिवसीय प्रशिक्षण शिविर की शुरुआत के साथ राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। अरुण साव ने कांग्रेस की कलह पर तंज कसा तो दीपक बैज ने पलटवार करते हुए इस्तीफे और भ्रष्टाचार को लेकर सवाल उठाए।
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रायपुर

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Laxmi Vishwakarma

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Updated: 20 Jun 2026, 4:25 PM IST

Chhattisgarh Politics

अरुण साव और दीपक बैज (photo source- Patrika)

Chhattisgarh Politics: छत्तीसगढ़ में कांग्रेस के 10 दिवसीय प्रशिक्षण शिविर की शुरुआत के साथ ही राजनीतिक माहौल गर्मा गया है। प्रशिक्षण शिविर को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने जहां कांग्रेस के प्रशिक्षण शिविर को लेकर तंज कसते हुए कहा कि इससे पार्टी को कोई फायदा नहीं होगा, वहीं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने पलटवार करते हुए डिप्टी सीएम पर भ्रष्टाचार और इस्तीफे तक के सवाल खड़े कर दिए। राजधानी रायपुर में मीडिया से चर्चा के दौरान दोनों नेताओं के बीच बयानबाजी ने नया राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया।

Rahul Gandhi Visit Chhattisgarh: कांग्रेस का प्रशिक्षण शुरू, भाजपा ने साधा निशाना

आज से कांग्रेस का 10 दिवसीय प्रशिक्षण शिविर शुरू हुआ है। इस शिविर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को संगठन, विचारधारा और राजनीतिक रणनीति से जुड़ी जानकारी दी जाएगी। लेकिन प्रशिक्षण शिविर शुरू होते ही भाजपा ने इसकी उपयोगिता पर सवाल उठाए। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि कांग्रेस के नेता खुद आपस में संघर्ष कर रहे हैं। ऐसे में प्रशिक्षण से कोई लाभ मिलने वाला नहीं है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के अंदर की कलह खत्म होने वाली नहीं है और पार्टी के नेता एक-दूसरे को कमजोर करने में लगे हुए हैं।

बैज का पलटवार: "एक घंटा प्रशिक्षण ले लें, कांग्रेस में आ जाएंगे"

अरुण साव के बयान पर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने तीखी प्रतिक्रिया दी। बैज ने कहा कि यदि अरुण साव सिर्फ एक घंटे कांग्रेस का प्रशिक्षण शिविर अटेंड कर लें तो भाजपा छोड़कर कांग्रेस में शामिल हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का प्रशिक्षण केवल राजनीतिक कार्यक्रम नहीं बल्कि विचारधारा और जनसेवा का पाठ पढ़ाने वाला मंच है। बैज ने दावा किया कि भाजपा को कांग्रेस के प्रशिक्षण की चिंता करने के बजाय अपने विभागों में हो रहे भ्रष्टाचार पर ध्यान देना चाहिए।

इस्तीफे के सवाल से बढ़ी सियासी गर्मी

दीपक बैज ने बयानबाजी के दौरान एक बड़ा राजनीतिक सवाल भी उठा दिया। उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री निवास में हुई आपात बैठक के दौरान सबसे ज्यादा निशाने पर अरुण साव ही थे। बैज ने कहा कि साव को जनता को बताना चाहिए कि उनसे इस्तीफा मांगा गया था या नहीं। हालांकि इस मुद्दे पर भाजपा की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन बैज के इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं।

सहयोग राशि के आरोपों पर कांग्रेस का जवाब

भाजपा ने आरोप लगाया है कि कांग्रेस अपने प्रशिक्षण शिविर के लिए जिलाध्यक्षों से सहयोग राशि या चंदा जुटा रही है। इस आरोप को खारिज करते हुए दीपक बैज ने कहा कि भाजपा के पास यदि कोई प्रमाण है तो उसे सार्वजनिक करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि भाजपा का काम केवल आरोप लगाना रह गया है। प्रशिक्षण शिविर पूरी पारदर्शिता के साथ आयोजित किया जा रहा है और इसकी निगरानी दिल्ली स्तर से भी की जा रही है। बैज ने बताया कि शिविर का आयोजन गांधीवादी और सादगीपूर्ण तरीके से होगा।

Congress BJP Clash: राहुल गांधी पर टिप्पणी को लेकर पुरंदर मिश्रा पर हमला

भाजपा विधायक पुरंदर मिश्रा द्वारा राहुल गांधी को "जोकर" कहे जाने पर भी कांग्रेस ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। दीपक बैज ने कहा कि पुरंदर मिश्रा मानसिक संतुलन खो चुके हैं और भाजपा को उनका इलाज कराना चाहिए। उन्होंने कहा कि पुरंदर मिश्रा पढ़े-लिखे और पेशे से वकील हैं, इसलिए उन्हें सार्वजनिक बयान देते समय भाषा की मर्यादा का ध्यान रखना चाहिए। बैज ने तंज कसते हुए कहा कि यदि भाजपा उनका इलाज नहीं करा सकती तो कांग्रेस उन्हें झारखंड भेजकर इलाज कराने की व्यवस्था कर देगी।

योग दिवस को लेकर सरकार की तैयारी

दूसरी ओर उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस को लेकर सरकार की तैयारियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रदेशभर में योग दिवस के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। शाम 7 बजे से 7:45 बजे तक सामूहिक योग कार्यक्रम होंगे, जिनमें मंत्री, सांसद, विधायक और आम नागरिक शामिल होंगे। साव ने कहा कि योग भारत की पहचान है और सरकार इसके महत्व को गांव-गांव तक पहुंचाने का प्रयास कर रही है।

‘सुघ्घर छत्तीसगढ़’ अभियान पर सरकार का फोकस

उप मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार की नई पहल "सुघ्घर छत्तीसगढ़ अभियान" का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि कई लोग जानकारी के अभाव में सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं ले पाते। इस अभियान के जरिए 31 विभिन्न योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाया जाएगा। साव ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल पर शुरू किए जा रहे इस अभियान का उद्देश्य हर पात्र हितग्राही तक सरकारी योजनाओं को पहुंचाना है।

कांग्रेस का पलटवार: "सुघ्घर छत्तीसगढ़ नहीं, जंगल राज"

सरकार के इस दावे पर भी दीपक बैज ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अपराध लगातार बढ़ रहे हैं और ऐसे माहौल में "सुघ्घर छत्तीसगढ़" का दावा वास्तविकता से दूर है। बैज ने आरोप लगाया कि प्रदेश में किसानों को खाद नहीं मिल रही, युवाओं को रोजगार नहीं मिल रहा और अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। उन्होंने कहा कि घरों में घुसकर हत्याएं हो रही हैं और जंगलों की कटाई जारी है।

Vishnu Deo Sai Government: राहुल गांधी के दौरे पर भी तंज

राहुल गांधी के प्रस्तावित छत्तीसगढ़ दौरे को लेकर भी भाजपा ने निशाना साधा। अरुण साव ने कहा कि राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस लगातार चुनाव हार रही है। उन्होंने दावा किया कि राहुल गांधी के कार्यक्रमों से कांग्रेस को राजनीतिक नुकसान ही हुआ है। साव ने कहा कि भारत जोड़ो यात्रा के बाद भी कांग्रेस को अपेक्षित लाभ नहीं मिला और प्रशिक्षण शिविर से भी पार्टी की स्थिति में कोई बदलाव नहीं आएगा।

मंत्रियों के प्रशिक्षण पर कांग्रेस का कटाक्ष

4 और 5 जुलाई को आईआईएम रायपुर में मंत्रियों के लिए प्रस्तावित प्रशिक्षण कार्यक्रम को लेकर भी कांग्रेस ने सवाल उठाए। दीपक बैज ने कहा कि सरकार का आधा कार्यकाल बीत चुका है, ऐसे में अब प्रशिक्षण का क्या फायदा होगा। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि सरकार को प्रशिक्षण की नहीं बल्कि फेयरवेल की तैयारी करनी चाहिए। बैज ने दावा किया कि मंत्रियों के इस्तीफे की चर्चाएं पहले से ही राजनीतिक गलियारों में चल रही हैं।

राजनीतिक बयानबाजी से गरमाया माहौल

कांग्रेस के प्रशिक्षण शिविर की शुरुआत संगठनात्मक कार्यक्रम के रूप में हुई थी, लेकिन पहले ही दिन यह कार्यक्रम भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बयानबाजी का केंद्र बन गया। एक तरफ भाजपा कांग्रेस की आंतरिक कलह का मुद्दा उठा रही है, तो दूसरी तरफ कांग्रेस भाजपा सरकार को भ्रष्टाचार, अपराध और प्रशासनिक विफलताओं के मुद्दे पर घेरने की कोशिश कर रही है। आने वाले दिनों में प्रशिक्षण शिविर के दौरान यह सियासी जंग और तेज होने की संभावना है।