
रायपुर. राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी (AICC chief Sonia Gandhi) के अनुमोदन के बाद कांग्रेस ने छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस (Chhattisgarh Congress) की नई कार्यकारिणी की घोषणा कर दी। 40 सदस्यीय कार्यकारिणी में 10 उपाध्यक्ष, 22 महामंत्री, एक कोषाध्यक्ष और 7 सदस्य बनाए गए हैं। इस सूची में वरिष्ठ नेताओं, मंत्रियो-विधायकों के बेटे-बेटी और पत्नियों को भरपूर मौका दिया गया है।
विधायक रामपुकार सिंह की बेटी आरती सिंह, सत्यनारायण शर्मा के पुत्र पंकज शर्मा, गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू के पुत्र जितेंद्र साहू को महामंत्री बनाया गया है। वहीं नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री डॉ. शिव डहरिया की पत्नी शकुन डहरिया और पूर्व केंद्रीय मंत्री अरविंद नेताम की बेटी डॉ. प्रीति नेताम को सदस्य बनाकर कार्यकारिणी में जगह दी गई है।
प्रदेश कोषाध्यक्ष रामगोपाल अगवाल को उसी पद पर यथावत रखा गया है। प्रभारी महामंत्री रहे गिरीेश देवांगन को उपाध्यक्ष बनाया गया है। अटल श्रीवास्तव को भी पदोन्नति देकर उपाध्यक्ष बना दिया गया है। पिछली कार्यकारिणी में महामंत्री और संचार विभाग के अध्यक्ष रहे शैलेश नितिन त्रिवेदी को नई कार्यकारिणी में कोई भूमिका नहीं मिली है।
सूची में कई विधायक और संसदीय चुनाव लड़ चुके नेताओं को भी शामिल किया है। मोहन मरकाम ने 29 जून 2019 को प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाली थी। उसके बाद ही नई कार्यकारिणी बननी थी। विभिन्न चुनावों की वजह से कार्यकारिणी का गठन अल्ता रहा। आखिर 9 महीने बाद इसे जारी किया गया है।
ऐसी है कार्यकारिणी
उपाध्यक्ष- गुरुमुख सिंह होरा, प्रतिमा चंद्राकर, पदमा मनहर, गिरीेश देवांगन, भानुप्रतापपुर, चुन्नीलाल साहू, अटल श्रीवास्तव, प्रेमचंद जायसी, बीरेश ठाकुर, जेपी श्रीवास्तव।
महामंत्री- रवि घोष, द्वारिकाधीश यादव, कन्हैया अग्रवाल, चंद्रशेखर शुक्ला, डॉ. थानेश्वर पाटिला, रंजीत कोसरिया, उत्तम वासुदेव, राजेंद्र साहू, आरती सिंह, यशवर्धन राव, रुक्मणी कर्मा, फुलकेरिया भगत, पंकज शर्मा, जितेंद्र साहू, अरुण सिसौदिया, अर्जुन तिवारी, गोपाल थवाइत, द्वितेंद्र मिश्रा, सीमा वर्मा, शाहिद खान, रजनू नेताम, पियूष कोसरे।
सदस्य- कैलाश पोयाम, लालजी चंद्रवंशी, शकुन डहरिया, नीना रावटिया उडडे, डॉ. प्रीति नेताम, सुरेंद्र जायसवाल, विष्णु यादव।
जिला - अध्यक्ष
रायपुर - गिरीश दुबे - दोबारा
रायपुर ग्रामीण - उद्घव वर्मा
बलौदा बाजार - हितेंद्र ठाकुर
महासमुंद - डॉ. रश्मी चंद्राकर
धमतरी - शरद लोहाना
दुर्ग शहर - गया पटेल
दुर्ग ग्रामीण - निर्मल कोसरे
भिलाई - तुलसी साहू - दुर्ग ग्रामीण की अध्यक्ष थीं
बेमेतरा - बंशी पटेल
राजनांदगांव शहर - कुलबीर छाबड़ा - दोबारा
राजनांदगांव ग्रामीण - पदम कोठारी - कार्यकारी अध्यक्ष थे
कवर्धा - नीलकंठ चंद्रवंशी
बिलासपुर शहर - प्रमोद नायक
बिलासपुर ग्रामीण - विजय केशरवानी - दोबारा
मुंगेली - सागर बैस
जांजगीर-चांपा- डॉ. चोलेश्वर चंद्राकर
रायगढ़ शहर - अनिल शुक्ला
रायगढ़ ग्रामीण - अरुण मालाकार - दोबारा
गरियाबंद - भावसिंह साहू
बालोद - चंद्रप्रभा सुधाकर
जगदलपुर शहर - राजीव शर्मा - दोबारा
बस्तर ग्रामीण - बलराम मौर्य
सुकमा - माहेश्वरी बघेल
नारायणपुर - देवनाथ उसेंडी
कोण्डागांव - झुमुक दिवान
बीजापुर - लल्लू राठौड़
कांकेर - सुभद्रा सलाम
दंतेवाड़ा - अवधेश गौतम
कोरबा शहर - सपना चौहान
कोरबा ग्रामीण - मोहित राम केरकेट्टा - विधायक
जशपुर - मनोज सागर यादव
सूरजपुर - भगवती रजवाड़े
बलरामपुर - राजेंद्र तिवारी
कोरिया - नजीर अजहर - पूर्व में भी अध्यक्ष रहे हैं
सरगुजा - राकेश गुप्ता
गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही- मनोज गुप्ता
पुरानी रणनीति में कुछ नामों से उलझन
कुछ महीने पहले कांग्रेस नेतृत्व ने तय किया था कि जिन नेताओं को सरकार में काम करने का मौका दिया जाएगा उन्हें संगठन में मौका नहीं मिलेगा। गिरीश देवांगन, अटल श्रीवास्तव, रामगोपाल अग्रवाल आदि को निगम-मंडलों का सबसे प्रमुख दावेदार माना जा रहा था। कार्यकारिणी में उनके नाम से संगठन के दूसरे नेताओं की उलझन बढ़ गई है। अंदरखाने कहा जा रहा है अगर यह संकेत है कि इन नेताओं को निगम-मंडलों की जिम्मेदारी नहीं दी जाएगी तो ठीक है। अगर इन्हें वहां भी मौका मिला तो फिर कहना होगा कि ये नेता 10-15 दिन भी बिना पद के नहीं रह सकते।