रायपुर

भूमि उपयोग नियमों में बड़ा बदलाव, छत्तीसगढ़ में बदलेंगे 1984 के नियम, सरकार ने तैयार किया नया प्रस्ताव

Land Use Rules: छत्तीसगढ़ में भूमि उपयोग से जुड़े नियमों में बड़े बदलाव की तैयारी है। आवास एवं पर्यावरण विभाग ने छत्तीसगढ़ भूमि विकास नियम, 1984 में संशोधन का प्रस्ताव तैयार किया है।
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Sep 12, 2026
Chhattisgarh News
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय (Photo Patrika)

Chhattisgarh Land Development Rules: छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य में विकास गतिविधियों को गति देने के लिए भूमि उपयोग से जुड़ी प्रक्रियाओं को सरल, स्पष्ट और व्यावहारिक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की है। आवास एवं पर्यावरण विभाग ने छत्तीसगढ़ भूमि विकास नियम, 1984 में संशोधन का प्रस्ताव तैयार किया है। प्रस्तावित संशोधन में विभिन्न भूमि उपयोग श्रेणियों के लिए ‘नेगेटिव लिस्ट’ आधारित व्यवस्था अपनाने का प्रावधान किया गया है। यह व्यवस्था केंद्र सरकार के डीरिगुलेशन और अनुपालन बोझ कम करने से जुड़े व्यापक सुधारों के अनुरूप है।

नियमों और प्रक्रियाओं को सरल बनाने पर जोर

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार का निरंतर प्रयास है कि नागरिकों, उद्यमियों और निवेशकों के लिए नियमों और प्रक्रियाओं को सरल बनाया जाए। इसके साथ ही विकास के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने पर भी जोर दिया जा रहा है। भूमि उपयोग नियमों में प्रस्तावित संशोधन इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

उन्होंने कहा कि प्रस्तावित बदलाव से बदलती जरूरतों के अनुरूप विकास गतिविधियों को आगे बढ़ाने में सुविधा होगी। इससे प्रदेश में निवेश, रोजगार और अधोसंरचना विकास को गति मिलने की उम्मीद है।

प्रतिबंधित गतिविधियां होंगी स्पष्ट

आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओपी चौधरी ने बताया कि सरकार का उद्देश्य नियमन को समाप्त करना नहीं है, बल्कि इसे अधिक स्पष्ट, सरल, लचीला और परिणामोन्मुख बनाना है। प्रस्तावित नेगेटिव लिस्ट आधारित व्यवस्था में प्रतिबंधित गतिविधियों को स्पष्ट रूप से निर्धारित किया जाएगा।

वहीं, प्रतिबंधित गतिविधियों के अलावा अन्य गतिविधियों के लिए अनावश्यक नियामक बाधाओं को कम किया जाएगा। इससे भूमि उपयोग की व्यवस्था अधिक व्यावहारिक बन सकेगी और विकास गतिविधियों को आगे बढ़ाने में सुविधा होगी।

मास्टर प्लान के भूमि उपयोग में आएगा लचीलापन

प्रस्तावित संशोधन के माध्यम से मास्टर प्लान में निर्धारित विभिन्न भूमि उपयोगों को भी अधिक लचीला और समयानुकूल बनाया जा सकेगा। सरकार का उद्देश्य भूमि उपयोग से जुड़े नियमों को वर्तमान जरूरतों के अनुरूप सरल और व्यावहारिक बनाना है। नई व्यवस्था में यह स्पष्ट किया जाएगा कि किन गतिविधियों पर प्रतिबंध रहेगा, जबकि अन्य गतिविधियों के लिए अनावश्यक नियामक प्रक्रियाओं को कम करने का प्रयास किया जाएगा।

15 दिन में मांगे आपत्ति और सुझाव

प्रस्तावित संशोधन को लेकर सरकार ने नागरिकों और संबंधित पक्षों से आपत्ति और सुझाव आमंत्रित किए हैं। इसके लिए 15 दिवस की अवधि दी गई है। इस दौरान प्राप्त आपत्तियों और सुझावों पर विचार किया जाएगा।

सरकार की ओर से प्रस्तावित यह बदलाव भूमि उपयोग से जुड़ी प्रक्रियाओं को सरल, स्पष्ट और व्यावहारिक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। प्रस्तावित संशोधन का उद्देश्य विकास गतिविधियों को सुविधाजनक बनाना और बदलती जरूरतों के अनुरूप भूमि उपयोग व्यवस्था में आवश्यक लचीलापन लाना है।

Updated on:
12 Sept 2026 05:22 pm
Published on:
12 Sept 2026 05:22 pm