
Chhattisgarh Medical Counseling: @पीलू राम साहू। प्रदेश के सरकारी व निजी मेडिकल कॉलेजों के संचालित एमडी-एमएस कोर्स में आवंटित सीट को स्वीकारने के बाद छात्रों को प्रवेश लेना अनिवार्य है। ऐसा नहीं करने पर छात्र स्वत: ही प्रवेश प्रक्रिया से बाहर हो जाएंगे। यही नहीं वे आगे होने वाली काउंसिलिंग के लिए अपात्र हो जाएंगे। एमबीबीएस काेर्स में निजी कॉलेजों में ये नियम लागू नहीं था। इस बार नीट पीजी के टॉपरों में 6 को मेडिसिन, 3 को रेडियो डायग्नोसिस व एक को स्किन की सीट मिली है। प्रदेश में पीजी की 642 सीटें हैं। इनमें सरकारी कॉलेजों में 378 व निजी कॉलेजों में 264 एमडी-एमएस की सीटें हैं। नीट पीजी क्वालिफाइड छात्रों को प्रवेश नियमों को ध्यान से पढ़ना होगा, नहीं तो उन्हें बड़ा नुकसान उठाना पड़ सकता है।
नियम के अनुसार छात्र असंतुष्ट होने पर आवंटित सीट को अस्वीकार कर सकेगा। ऐसे में उनके पास अगले राउंड में बने रहने के लिए विकल्प बना रहेगा। मेडिकल एक्सपर्ट व पूर्व डीएमई डॉ. विष्णु दत्त व हिमेटोलॉजिस्ट डॉ. विकास गोयल के अनुसार काउंसिलिंग के पहले सभी दस्तावेज होना भी जरूरी है। आवंटन सूची में नाम आने के बाद भी अगर दस्तावेज सही नहीं मिलता है तो छात्र स्वत: ही प्रवेश के लिए अपात्र माना जाएगा। निजी कॉलेजों में प्रवेश के दौरान 8 से 10 लाख निर्धारित ट्यूशन फीस जमा करनी होगी। कॉलेज बदलने पर 10 फीसदी काटकर बाकी फीस वापस करने का नियम है।
पीजी की प्रवेश प्रक्रिया सोमवार को शुरू हो गई है, जो 10 नवंबर तक चलेगी। गाैर करने वाली बात ये है कि एडमिशन प्रक्रिया के दौरान ही 8 नवंबर को दिवाली है। इस दिन रविवार है, लेकिन पहले रविवार को भी एडमिशन प्रक्रिया चलती रही है। काउंसिलिंग से जुड़े कर्मचारियों व अधिकारियों का कहना है कि दिवाली जैसे त्योहार में छुट्टी दी जानी चाहिए। 9 नवंबर को कोई त्योहार नहीं है, लेकिन 10 को गोवर्धन पूजा व 11 नवंबर को भाई दूज है।
रायपुर 146 74 92 00
बिलासपुर 91 43 48 00
राजनांदगांव 18 09 09 00
जगदलपुर 28 15 13 00
रायगढ़ 42 21 21 00
अंबिकापुर 40 20 20 00
कोरबा 13 07 06 00
रिम्स 63 54 00 09
बालाजी 100 85 00 15
शंकराचार्य 101 86 00 15
कुल 642