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Jungle Safari Closed: दो दिन बंद रहेगा रायपुर का जंगल सफारी, आदेश जारी

Jungle Safari Closed :दीपावली पर 10 और 11 नवंबर को रायपुर का जंगल सफारी एवं जू पर्यटकों के लिए बंद रहेगा। वन्य प्राणियों की सुरक्षा और सरकारी संपत्ति को नुकसान से बचाने के लिए वन विभाग ने लिया फैसला।
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रायपुर

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Love Sonkar

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Updated: 5 Nov 2026, 12:53 PM IST

Jungle Safari Closed

दो दिन बंद रहेगा जंगल सफारी (photo Patrika)

Raipur Jungle Safari Closed: दीपावली के त्योहार के दौरान रायपुर के जंगल सफारी और जू घूमने का प्लान बना रहे पर्यटकों के लिए जरूरी खबर है। त्योहार को देखते हुए जंगल सफारी एवं जू को दो दिनों के लिए बंद रखने का निर्णय लिया गया है। जारी आदेश के मुताबिक, 10 और 11 नवंबर को पर्यटकों को यहां प्रवेश नहीं मिलेगा। यानी इन दोनों दिनों में जंगल सफारी घूमने और वन्य प्राणियों को करीब से देखने की योजना बना रहे लोगों को अपना कार्यक्रम बदलना होगा।

10 और 11 नवंबर को नहीं मिलेगी एंट्री

कार्यालय मुख्य वन संरक्षक एवं क्षेत्र संचालक, उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व, रायपुर की ओर से इस संबंध में आदेश जारी किया गया है। आदेश के अनुसार, 10 नवंबर और 11 नवंबर को जंगल सफारी एवं जू पर्यटकों के लिए पूरी तरह बंद रहेंगे। इन दोनों दिनों में पर्यटकों को सफारी परिसर में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। ऐसे में दीपावली की छुट्टियों के दौरान परिवार और दोस्तों के साथ जंगल सफारी घूमने का प्लान बना रहे लोगों को तारीखों का विशेष ध्यान रखना होगा। पर्यटकों को सलाह है कि सफारी पहुंचने से पहले संचालन की तारीख और प्रवेश संबंधी जानकारी जरूर जांच लें, ताकि वहां पहुंचने के बाद निराश होकर वापस न लौटना पड़े।

वन्य प्राणियों को शोर और आतिशबाजी से बचाने की तैयारी

दीपावली के दौरान शहरों में पटाखे और आतिशबाजी का दौर चलता है। इसका असर केवल इंसानों पर ही नहीं, बल्कि वन्य प्राणियों पर भी पड़ सकता है। तेज आवाज और अचानक होने वाले शोर से जानवरों में तनाव और घबराहट की स्थिति पैदा हो सकती है। जंगल सफारी में अलग-अलग प्रजातियों के वन्य प्राणी रहते हैं, जिनकी सुरक्षा और सामान्य दिनचर्या बनाए रखना वन विभाग की प्राथमिकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए त्योहार के दौरान पर्यटकों की आवाजाही रोकने का निर्णय लिया गया है। इसके अलावा सफारी परिसर में सरकारी संपत्ति को किसी तरह का नुकसान न पहुंचे और सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित न हो, इसके लिए भी यह कदम उठाया गया है।