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दुर्ग में पकड़ी गई बांग्लादेशी महिला, भारत से किया गया डिपोर्ट, आधार और राशन कार्ड की भी होगी जांच

Bangladeshi Woman Arrested: दुर्ग में बांग्लादेशी नागरिक रीना अख्तर को भारत से डिपोर्ट किया गया। पुलिस के अनुसार, आधार कार्ड, राशन कार्ड और अन्य दस्तावेजों के सत्यापन व संभावित निरस्तीकरण की प्रक्रिया भी शुरू की गई है।
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भिलाई

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Love Sonkar

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Updated: 24 Oct 2026, 6:35 PM IST

Bangladeshi woman case

सांकेतिक तस्वीर (Photo AI Image)

Bangladeshi woman case: छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों की पहचान और दस्तावेजों के सत्यापन को लेकर पुलिस की कार्रवाई जारी है। इसी कड़ी में बांग्लादेशी नागरिक रीना अख्तर को भारत से डिपोर्ट कर दिया गया है। दुर्ग पुलिस की विशेष कार्यबल (एसटीएफ) टीम ने पश्चिम बंगाल में इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) और सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के सहयोग से समन्वित कार्रवाई की। पुलिस के अनुसार, 23 अक्टूबर 2026 को नियमानुसार उन्हें भारत से बाहर भेजने की प्रक्रिया पूरी की गई।

पश्चिम बंगाल में एसटीएफ ने की कार्रवाई

दुर्ग पुलिस के मुताबिक, रीना अख्तर के मामले में कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद एसटीएफ की टीम को पश्चिम बंगाल भेजा गया था। वहां इंटेलिजेंस ब्यूरो और बीएसएफ के सहयोग से कार्रवाई की गई। इसके बाद 23 अक्टूबर को उन्हें नियमानुसार भारत से डिपोर्ट कर दिया गया। इस पूरी कार्रवाई में अलग-अलग एजेंसियों के बीच समन्वय की भूमिका महत्वपूर्ण रही। पुलिस का कहना है कि जिले में विदेशी नागरिकों की पहचान करने, उनके निवास की स्थिति का पता लगाने और दस्तावेजों का सत्यापन करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

आधार और राशन कार्ड की भी होगी जांच

इस मामले में अब आधार कार्ड, राशन कार्ड और अन्य भारतीय दस्तावेजों को लेकर भी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई है। पुलिस के अनुसार, संबंधित महिला द्वारा ये दस्तावेज प्राप्त किए जाने के संबंध में संबंधित विभागों से जांच और नियमानुसार निरस्तीकरण के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। दस्तावेजों की जांच का उद्देश्य उनकी वास्तविकता का सत्यापन करना और यदि वे अवैध तरीके से प्राप्त किए गए हों, तो उनके संभावित दुरुपयोग को रोकना है। हालांकि, इन दस्तावेजों के सत्यापन और निरस्तीकरण की अंतिम स्थिति संबंधित विभागों की जांच तथा निर्णय के बाद ही स्पष्ट होगी।