
Chhattisgarh Politics: छत्तीसगढ़ में आम जनता की समस्याओं के समाधान और सरकारी योजनाओं की जमीनी समीक्षा के लिए मनाए जा रहे “सुशासन तिहार” को लेकर प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। कांग्रेस और भाजपा के बीच इस मुद्दे पर तीखी बयानबाजी शुरू हो गई है। एक ओर कांग्रेस इसे पूरी तरह विफल और केवल दिखावा बता रही है, वहीं भाजपा सरकार इसे जनता से सीधा संवाद और सुशासन का बड़ा अभियान बता रही है।
सुशासन तिहार को लेकर दोनों दलों के नेताओं ने एक-दूसरे पर जमकर आरोप लगाए। पीएम आवास, आदिवासी हित, महंगाई और शराब नीति जैसे मुद्दों पर भी राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष Deepak Baij ने मीडिया से चर्चा के दौरान सुशासन तिहार पर सवाल उठाते हुए इसे महज औपचारिकता करार दिया। उन्होंने कहा कि सरकार जनता के बीच जाकर सिर्फ “टाइम पास” और “नौटंकी” कर रही है। दीपक बैज ने आरोप लगाया कि सरकार की योजनाओं की जमीनी हकीकत कुछ और है।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र तक को पीएम आवास के लिए दंडवत होना पड़ रहा है, जबकि अधिकारी जनता की समस्याओं को गंभीरता से लेने के बजाय दबाव और धमकी की राजनीति कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने जनता के लिए कोई ठोस काम नहीं किया है और अब जब सच्चाई सामने आने लगी है तो प्रशासनिक अधिकारियों पर दबाव बनाया जा रहा है। कांग्रेस का दावा है कि सुशासन तिहार पूरी तरह विफल साबित हुआ है।
कांग्रेस के आरोपों पर भाजपा सरकार की ओर से मंत्री केदार कश्यप ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को आदिवासियों और गरीबों की चिंता करने का नैतिक अधिकार नहीं है, क्योंकि उनके शासनकाल में लोगों को वर्षों तक पीएम आवास जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए तरसना पड़ा।
केदार कश्यप ने कहा कि वर्तमान सरकार ने 18 लाख से अधिक प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत किए हैं और अब जरूरतमंदों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि जब नक्सल प्रभावित इलाकों में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और आवास जैसी सुविधाएं प्रभावित थीं, तब कांग्रेस नेताओं की आवाज क्यों नहीं उठी। मंत्री ने कहा कि भाजपा सरकार आदिवासी क्षेत्रों में विकास और विश्वास दोनों को मजबूत करने का काम कर रही है।
राजनीतिक बयानबाजी के बीच प्रधानमंत्री Narendra Modi द्वारा लोगों से सोना कम खरीदने और वर्क फ्रॉम होम अपनाने की अपील को लेकर भी विवाद छिड़ गया। दीपक बैज ने इसे सरकार की नाकामी का संकेत बताते हुए कहा कि देश में महंगाई लगातार बढ़ रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि रसोई गैस सिलेंडर से लेकर रोजमर्रा की जरूरत की वस्तुओं तक के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। कांग्रेस का कहना है कि आम जनता महंगाई से परेशान है और सरकार समाधान देने के बजाय केवल सलाह देने में लगी हुई है। बैज ने कहा कि कांग्रेस नेता रहल गाँधी लगातार महंगाई का मुद्दा उठाते रहे हैं, लेकिन केंद्र सरकार इस पर ठोस कदम उठाने में विफल रही है।
प्रदेश में प्लास्टिक की बोतलों में शराब बिक्री को लेकर भी कांग्रेस ने सरकार को घेरा। दीपक बैज ने आरोप लगाया कि नई व्यवस्था में भ्रष्टाचार की संभावना बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि प्लास्टिक की बोतलें आसानी से खराब हो सकती हैं और चूहे भी उन्हें नुकसान पहुंचा सकते हैं।
कांग्रेस ने तंज कसते हुए कहा कि यदि नुकसान होगा तो जिम्मेदारी तय करने के बजाय इसका दोष “चूहों” पर मढ़ दिया जाएगा। इस बयान पर केदार कश्यप ने पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस को पहले अपने शासनकाल के शराब घोटाले याद करने चाहिए। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार पर आरोप लगाने से पहले कांग्रेस को अपने कार्यकाल की अनियमितताओं पर जवाब देना चाहिए।
सुशासन तिहार को लेकर प्रदेश में अब राजनीतिक माहौल पूरी तरह गर्म हो चुका है। भाजपा इसे सरकार की उपलब्धियों और जनता से संवाद का माध्यम बता रही है, जबकि कांग्रेस इसे केवल प्रचार और दिखावे की राजनीति करार दे रही है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा और अधिक राजनीतिक रूप ले सकता है, क्योंकि सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ही इसे जनता के बीच बड़ा मुद्दा बनाने की कोशिश में जुटे हैं।