Chhattisgarh News: टाटीबंध चौक से 10 किमी दूर स्थित देवबलोदा बना छत्तीसगढ़ी (Chhattisgarhi Cinema) फिल्मकारों की पहली पसंद। ग्रामीणों का मिलता है सहयोग, शूटिंग में कभी कोई रुकावट नहीं आई...
Chhattisgarh News: आज आपको एक ऐसे गांव के बारे में बताएंगे जहां छत्तीसगढ़ी फिल्मों की शूटिंग (Shooting of Chhattisgarhi Films) का ट्रेंड देखा जा रहा है। लगभग 15 फिल्मों की शूटिंग यहां हो चुकी है और इस साल चार से पांच फिल्में कतार में हैं। टाटीबंध चौक से तकरीबन 10 किमी दूर स्थित देवबलोदा (Deobaloda Village) ऐसा गांव है जो शूटिंग विलेज के नाम से पहचान बना चुका है। मेकर्स की मानें तो गांव शांत, साफ-सुथरा और खूबसूरत है। यहां के लोगों का रवैया सहयोगात्मक रहता है। बिना किसी बाउंसर के शूटिंग की जाती है।
एक नजर देवबलोदा गांव पर
आबादी : 12 हजार लगभग
नगर निगम : चरौदा
वार्ड : 31, 32, 33
जिला : दुर्ग
1937 में बना मकान, कई फिल्मों का बना गवाह
इस गांव में एक घर ऐसा है जो 1937 में बना है। बड़ा सा आंगन। बीच में तुलसी चौरा। कवेलू वाली छत। देखने में भी आकर्षक। इस परिवार के सदस्य प्रवीण कहते हैं, जमाना बदल गया लेकिन हमने घर को रीनोवेट नहीं कराया। यूनिक पीस के चलते फिल्में शूट होती हैं। वैसे घर की खासियत है कि गर्मी में ठंडा और ठंड में गर्म रहता है।
कोई चार्ज नहीं लेते
प्रवीण चंद्राकर कहते हैं कि मैं कला प्रेमी हूं इसलिए मुझे भी शूटिंग होने पर खुशी होती है। वैसे तो शूटिंग चार्ज नहीं लिया जाता लेकिन मेकर्स खुद से मेंटेनेंस खर्च जमा कर देते हैं। फिल्मों में दिखने के कारण देवबलोदा प्रसिद्ध हो रहा है। रहवासियों का मनोरंजन भी हो जाता है। जो भी फिल्म यहां शूट होती है उसे देखने के लिए गांव के लगभग सभी लोग टॉकीज जाते हैं।
अब तक शूट हुई प्रमुख फिल्में
वैदेही
तोला ले जहूं ओढ़रिया
मयाके घरौंदा
प्रेम युद्ध
कका जिंदा हे
बातर लेके हआजा
फुलवारी
जागो रे
दइहान
लैला टिपटॉप छैला अंगूठा छाप
मया-2
राजा छत्तीसगढ़िया
पागल प्रेमी भोजपूरी
मया के छांव
बाप बड़े न भैया, सबले बड़े रुपैया
जीरो से हीरो (फ्लोर पर तैयार)