
जिम के टाइट कपड़ों से बढ़ रहा स्किन इंफेक्शन का खतरा (फोटो सोर्स- iStock)
रायपुर @ताबीर हुसैन। Gym Clothes Skin Problems: राजधानी रायपुर में तेजी से बढ़ते फिटनेस ट्रेंड के बीच अब जिम वियर को लेकर भी स्वास्थ्य संबंधी चिंताएं सामने आ रही हैं। खासकर सिंथेटिक और टाइट एक्टिववियर पहनने की आदत लोगों के लिए स्किन समस्याओं का कारण बन रही है। राजधानी के एक्सपर्ट डॉक्टरों ने इसे लेकर चिंता जाहिर की है।
नेहरू मेडिकल कॉलेज स्किन विभाग के एचओडी डॉ. मृत्युंजय सिंह बताते हैं कि जिम में इस्तेमाल होने वाले ज्यादातर कपड़े सिंथेटिक और लाइक्रा बेस्ड होते हैं, जिनकी सबसे बड़ी कमी यह है कि वे पसीना सोख नहीं पाते। ऐसे में पसीना शरीर पर ही जमा रहता है, जिससे स्किन में इरिटेशन शुरू हो जाता है। यही स्थिति आगे चलकर फंगल इंफेक्शन, दाद, खुजली, रैश और घमौरियों में बदल सकती है। रायपुर में बढ़ती गर्मी के बीच यह चेतावनी खास मायने रखती है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि फिटनेस के साथ-साथ सही कपड़ों का चुनाव और हाइजीन बनाए रखना बेहद जरूरी है, ताकि जिम से फायदा मिले, नुकसान नहीं।
ईएनटी फेशियल एस्थेटिक सर्जन एंड एंटीएजिंग एक्सपर्ट डॉ. मान्या ठाकुर बताती हैं, कई एक्टिववियर पॉलिमर और केमिकल बेस्ड होते हैं, जिन पर देश में स्पष्ट रेगुलेशन या मानक तय नहीं हैं। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर सस्ते ऑफर्स के चलते लोग बिना गुणवत्ता जांच के कपड़े खरीद लेते हैं, जिससे स्किन को नुकसान का खतरा बढ़ जाता है।
वे कहती हैं, आजकल के एक्टिववियर पॉलिमर बेस्ड होते हैं, जो स्किन की नैचुरल ब्रीदिंग को बाधित करते हैं। इससे न केवल स्किन से जुड़ी समस्याएं बढ़ती हैं, बल्कि लंबे समय तक पहनने पर शरीर की सर्कुलेशन पर भी असर पड़ सकता है। लगातार ऐसे कपड़े पहनने से फंगल इंफेक्शन, रैशेज, एक्जिमा और इंफ्लेमेशन जैसी समस्याएं आम हो रही हैं।
डॉ. मृत्युंजय सिंह, एचओडी स्किन, नेहरू मेडिकल कॉलेज के मुताबिक, रायपुर जैसे गर्म और ह्यूमिड माहौल में यह समस्या और गंभीर हो जाती है। शरीर के वे हिस्से जहां पसीना ज्यादा जमा होता है जैसे जांघों के बीच (ग्रॉइन एरिया), पेट के नीचे और अंडरआर्म। यहां संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ते हैं। हालांकि हर व्यक्ति को यह समस्या हो, ऐसा जरूरी नहीं है, लेकिन जिनकी स्किन संवेदनशील है या जो लंबे समय तक ऐसे कपड़े पहने रहते हैं, उनमें जोखिम ज्यादा रहता है।
अमरीका में जिम और स्पोर्ट्सवियर कपड़ों में इस्तेमाल होने वाले केमिकल्स को लेकर विवाद तेज हो गया है। जांच में सामने आया कि कुछ कपड़ों में पीएफएएस और फ्थैलेट्स जैसे तत्व मौजूद हैं, जो हार्मोन सिस्टम को प्रभावित कर सकते हैं। जिससे स्वास्थ्य जोखिम को लेकर चिंता बढ़ गई है।
Published on:
17 Apr 2026 04:39 pm
बड़ी खबरें
View Allरायपुर
छत्तीसगढ़
ट्रेंडिंग
