रायपुर

छत्तीसगढ़ के 13 लाख परिवारों के खाते में CM साय ट्रांसफर करेंगे करोड़ों रुपए, बना ये नया रिकॉर्ड

Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ में तेंदूपत्ता संग्रहण में नया रिकॉर्ड बनाया है। इस सफलता के साथ प्रदेश के 13 लाख से अधिक आदिवासी और वनवासी परिवारों की आय में भारी वृद्धि हुई है..

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May 27, 2026
तेन्दूपत्ता संग्रहण में छत्तीसगढ़ का नया रिकॉर्ड ( Photo - Patrika )

Tendu Patta Sangrahan 2026: छत्तीसगढ़ ने तेन्दूपत्ता संग्रहण (वनोपज) में नया कीर्तिमान स्थापित करते हुए 13 लाख से अधिक आदिवासी और वनवासी परिवारों की आय में भारी वृद्धि की है। राज्य सरकार द्वारा संग्रहण दर 5500 प्रति मानक बोरा से संग्राहकों के खातों में करोड़ों रुपये का सीधा भुगतान सुनिश्चित किया गया है। वर्ष 2026 के तेन्दूपत्ता संग्रहण अभियान में 24 मई 2026 तक राज्य के छहों वृतों में कुल 13 लाख 52 हजार 248.343 मानक बोरा तेन्दूपत्ता का संग्रहण किया गया है। जंगलों में हरा सोना कहे जाने वाले इस पत्ते को बीनकर आजीविका चलाने वाली महिलाओं और ग्रामीण परिवारों के जीवन स्तर में उल्लेखनीय सुधार आया है।

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Chhattisgarh News: योजनाओं का सकारात्मक असर

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और वन मंत्री केदार कश्यप के निर्देशानुसार छत्तीसगढ़ में राज्य सरकार की वनोपज आधारित योजनाओं का सकारात्मक असर दिखाई दे रहा है। ( Chhattisgarh News ) यह उपलब्धि वनांचल के संग्राहकों की मेहनत और राज्य सरकार की प्रभावी वनोपज प्रबंधन नीति का परिणाम है। तेन्दूपत्ता संग्रहण से हजारों वन आश्रित परिवारों को रोजगार और आय का महत्वपूर्ण साधन प्राप्त हो रहा है। राज्य सरकार द्वारा न्यूनतम समर्थन मूल्य, समय पर भुगतान और बोनस जैसी सुविधाओं के माध्यम से संग्राहकों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जा रहा है।

बिलासपुर वृत रहा सबसे आगे

संग्रहण के आंकड़ों के अनुसार बिलासपुर वृत ने सर्वाधिक 3 लाख 03 हजार 191.770 मानक बोरा संग्रहण दर्ज किया है। इसके अंतर्गत रायगढ़, कोरबा, बिलासपुर और मरवाही क्षेत्र का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

सरगुजा वृत दूसरे स्थान पर

सरगुजा वृत में कुल 2 लाख 98 हजार 200.456 मानक बोरा तेन्दूपत्ता संग्रहित किया गया। बलरामपुर, सूरजपुर, कोरिया, सरगुजा और जशपुर क्षेत्र में संग्रहण कार्य उल्लेखनीय रहा।

कांकेर और रायपुर वृत का उत्कृष्ट प्रदर्शन

कांकेर वृत में 2 लाख 24 हजार 817.540 मानक बोरा तथा रायपुर वृत में एक लाख 92 हजार 088.675 मानक बोरा तेन्दूपत्ता संग्रहित किया गया। कांकेर जिले के भानुप्रतापपुर क्षेत्र और रायपुर वृत के गरियाबंद तथा महासमुंद क्षेत्रों का विशेष योगदान रहा।

जगदलपुर वृत में वनांचल का मजबूत योगदान

जगदलपुर वृत में कुल एक लाख 74 हजार 392.028 मानक बोरा संग्रहण दर्ज किया गया। इसमें सुकमा और बीजापुर जिलों का प्रमुख योगदान रहा, जो बस्तर संभाग की मजबूत वनोपज क्षमता को दर्शाता है।

दुर्ग वृत में भी अच्छा संग्रहण

दुर्ग वृत में एक लाख 59 हजार 557.874 मानक बोरा तेन्दूपत्ता संग्रहित हुआ। राजनांदगांव, कवर्धा, खैरागढ़ और बालोद क्षेत्रों में संग्रहण कार्य सफलतापूर्वक पूरा किया गया।

वनोपज आधारित आजीविका को मिल रही मजबूती

राज्य के 900 से अधिक प्राथमिक लघु वनोपज सहकारी समितियों के माध्यम से 13 लाख से ज्यादा संग्राहक सीधे इस आर्थिक चक्र से जुड़े हैं। राज्य सरकार की शासकीय योजनाओं के तहत तेन्दूपत्ता संग्रहण को ग्रामीण और वनाश्रित परिवारों की आजीविका सशक्त करने के महत्वपूर्ण माध्यम के रूप में विकसित किया गया है। इससे न केवल स्थानीय रोजगार बढ़ा है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिली है। वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, संग्रहण कार्य को पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है, ताकि संग्राहकों को समय पर भुगतान और अधिकतम लाभ सुनिश्चित किया जा सके।

Updated on:
27 May 2026 07:23 pm
Published on:
27 May 2026 07:20 pm
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