
Ayushman Bharat Scheme: आयुष्मान भारत योजना (प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना) के संचालन में बेहतर प्रदर्शन के लिए छत्तीसगढ़ को नेशनल अवार्ड मिला है। योजना में प्रदेश ने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया है। यहां 97 फीसदी अस्पतालों में योजना के तहत कैशलेस इलाज किया जा रहा है। अधिकारियों का दावा है कि देश में यह सबसे अधिक है। पड़ोसी राज्य मध्यप्रदेश में 62 व देश का औसत मात्र 52 फीसदी है।
भोपाल में बुधवार को आयोजित कॉन्क्लेव में राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (एनएचए) के सीईओ सुनील कुमार बर्नवाल ने राज्य नोडल एजेंसी (एसएनए) की सीईओ डॉ. प्रियंका शुक्ला व प्रोजेक्ट डायरेक्टर (ऑपरेशन) डॉ. धर्मेंद्र गहवाई को अवार्ड प्रदान किया। अधिकारियों का कहना है कि एसएनए ने संदिग्ध क्लेम की पहचान कर व्यापक फील्ड ऑडिट करवा रहा है। क्लेम प्रोसेसिंग के टर्न-अराउंड टाइम (टीएटी) में उल्लेखनीय कमी, स्टेट एंटी फ्रॉड यूनिट (साफू) टीम का सशक्त गठन और एपैनल्ड हेल्थ केयर प्रोवाइडर्स के साथ नियमित संवाद किया जा रहा है।
इस साल जनवरी में एनएचए की समीक्षा बैठक में छत्तीसगढ़ में संदिग्ध दावों की संया अधिक पाई गई थी। इस स्थिति में सुधार के लिए एसएनए ने सत कदम उठाया। हालांकि न केवल निजी, बल्कि आंबेडकर अस्पताल में भी सस्पेक्टेड क्लेम किया जा रहा है। इस संबंध में नाफू ने अस्पताल प्रबंधन को नोटिस भी दिया है। ये क्लेम करीब 2 करोड़ रुपए का है। क्लेम की संया 2127 है। ये 1 मई से 3 सितंबर तक का है।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का दावा है कि संदिग्ध क्लेम में भारी कमी आई है। जहां पहले प्रति सप्ताह 2,000 से अधिक संदिग्ध दावे दर्ज होते थे। वहीं, अब यह घटकर 500 से भी कम रह गए हैं। वहीं, क्लेम अप्रूवल का समय घटकर अब केवल 7 से 10 दिन रह गया है।
अवार्ड लेतीं हैल्थ डायरेक्टर डॉक्टर प्रियंका शुक्ला
प्रदेश में 97 फीसदी अस्पताल योजना के तहत कैशलेस इलाज कर रहे हैं, जो बड़ी उपलब्धि है। नेशनल अवार्ड मिलना भी गौरव करने वाला है। सभी जिलों की समीक्षा बैठकों के प्रमुख एजेंडा में आयुष्मान भारत को शामिल किया गया है। प्रदेश स्तर पर भी प्रत्येक माह जिलों के साथ समीक्षा कर योजना की समीक्षा की जा रही है। - श्यामबिहारी जायसवाल, स्वास्थ्य मंत्री