रायपुर

छत्तीसगढ़ में शिक्षा व्यवस्था पर संकट, 50 हजार से ज्यादा शिक्षक पद खाली, कॉलेजों में शोध और पढ़ाई प्रभावित

Chhattisgarh Education Crisis: सरकारी स्कूलों में 48 हजार से अधिक और कॉलेजों में करीब ढाई हजार पद खाली हैं। कुल मिलाकर 50 हजार से ज्यादा शिक्षक पद रिक्त हैं।

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Mar 02, 2026
छत्तीसगढ़ में शिक्षा व्यवस्था पर संकट, 50 हजार से ज्यादा शिक्षक पद खाली, कॉलेजों में शोध और पढ़ाई प्रभावित(photo-patrika)

Teacher Vacancies in CG: छत्तीसगढ़ में स्कूल और कॉलेजों में शिक्षकों की भारी कमी ने शिक्षा व्यवस्था की नींव हिला दी है। सरकारी स्कूलों में 48 हजार से अधिक और कॉलेजों में करीब ढाई हजार पद खाली हैं। कुल मिलाकर 50 हजार से ज्यादा शिक्षक पद रिक्त हैं। चिंताजनक यह भी है कि वर्ष 2030 तक लगभग 40 प्रतिशत और शिक्षक सेवानिवृत्त हो जाएंगे, जिससे स्थिति और गंभीर होने की आशंका है।

सरकार ने फिलहाल स्कूलों में 5 हजार और कॉलेजों में 700 पदों पर भर्ती की मंजूरी दी है। स्कूली शिक्षकों के लिए भर्ती का शेड्यूल जारी हो चुका है और परीक्षाएं अक्टूबर में प्रस्तावित हैं, लेकिन कॉलेजों में भर्ती की प्रक्रिया अब तक स्पष्ट नहीं हो सकी है।

Teacher Vacancies in CG: कॉलेजों में शोध और अध्यापन प्रभावित

शिक्षा विभाग के इस सीमित फैसले को विशेषज्ञ ‘ऊंट के मुंह में जीरा’ बता रहे हैं। उनका मानना है कि इतनी कम नियुक्तियों से शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार की उम्मीद नगण्य है। स्कूलों में जहां बुनियादी ढांचे के साथ शिक्षकों की भारी किल्लत है, वहीं कॉलेजों में शोध और अध्यापन कार्य बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं।

असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती का इतिहास

सरकारी कॉलेजों में असिस्टेंट प्रोफेसरों के ढाई हजार से अधिक पद खाली हैं। वित्त विभाग ने 700 पदों के प्रस्ताव को मंजूरी दी है, जिनमें से 625 पद असिस्टेंट प्रोफेसर के हैं। प्रदेश में असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती की रफ्तार बीते 16 वर्षों में बेहद धीमी रही है।

वर्ष 2009 में 32 विषयों में 878 पदों पर नियुक्तियां निकाली गई थीं। इसके बाद 2014 में 27 विषयों के 966 पद और वर्ष 2019 में 27 विषयों के 1384 पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू हुई। अब चौथी बार भर्ती की तैयारी की जा रही है, लेकिन स्वीकृत पदों की संख्या पहले की तुलना में कम होने से उच्च शिक्षा के क्षेत्र में रिक्तियों की भरपाई को लेकर सवाल बरकरार हैं।

राज्य गठन के बाद एक भी प्रोफेसर की नियुक्ति नहीं

उच्च शिक्षा के क्षेत्र में स्थिति और गंभीर है। प्रदेश के 335 शासकीय महाविद्यालयों में प्रोफेसरों के 780 स्वीकृत पद हैं, लेकिन सभी पद रिक्त हैं। राज्य गठन के बाद अब तक एक भी प्रोफेसर की नियमित नियुक्ति नहीं हो सकी है। पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में वर्ष 2021 में 595 प्रोफेसरों की सीधी भर्ती प्रक्रिया शुरू हुई थी, लेकिन पांच वर्ष बाद भी यह प्रक्रिया अधर में लटकी हुई है।

प्रदेश में उच्च शिक्षा संस्थानों की स्थिति

राज्य में लगभग 335 शासकीय और 250 से अधिक निजी कॉलेज संचालित हैं। इसके अलावा 9 शासकीय और 15 निजी विश्वविद्यालय भी हैं। रोजगार एवं प्रशिक्षण विभाग के अधीन प्राचार्य के 64 और प्रशिक्षक अधीक्षक के 209 पद भी रिक्त हैं।

शिक्षक पदों की इस व्यापक कमी ने शिक्षा व्यवस्था की गुणवत्ता, शोध गतिविधियों और विद्यार्थियों के भविष्य पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं। अब निगाहें इस बात पर हैं कि सरकार इन रिक्तियों को भरने के लिए ठोस और समयबद्ध कदम कब उठाती है।

Published on:
02 Mar 2026 12:54 pm
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