रायपुर

Teejan Bai Death: छत्तीसगढ़ की सुप्रसिद्ध पंडवानी गायिका तीजन बाई का निधन, 70 साल की उम्र में ली अंतिम सांस

Teejan Bai Passes Away: सुप्रसिद्ध पंडवानी गायिका और पद्म विभूषण डॉ. तीजन बाई का 72 साल की उम्र में रायपुर एम्स अस्पताल में निधन हो गया। लंबे समय से बीमार चल रहीं तीजन बाई के निधन से लोककला और संस्कृति जगत में शोक की लहर है।
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Jul 05, 2026
Tijan Bai Death
सुप्रसिद्ध पंडवानी गायिका तीजन बाई (Photo Patrika)

Teejan Bai News: छत्तीसगढ़ की लोकगायन परंपरा की अमर आवाज और पंडवानी को देश-दुनिया में नई पहचान दिलाने वाली पद्म विभूषण डॉ. तीजन बाई अब हमारे बीच नहीं रहीं। रायपुर स्थित एम्स अस्पताल में रविवार तड़के उनका निधन हो गया। वह 70 वर्ष की थीं और लंबे समय से गंभीर बीमारियों से जूझ रही थीं। उनके निधन से छत्तीसगढ़ ही नहीं, बल्कि पूरे देश के कला और संस्कृति जगत में शोक की लहर दौड़ गई है।

देर रात रायपुर एम्स में निधन

परिजनों के अनुसार, डॉ. तीजन बाई ने रविवार तड़के करीब 3:15 बजे एम्स अस्पताल में अंतिम सांस ली। पिछले कुछ समय से उनका स्वास्थ्य लगातार खराब चल रहा था और उनका इलाज जारी था। उनके निधन की खबर सामने आते ही कलाकारों, साहित्यकारों, जनप्रतिनिधियों और उनके प्रशंसकों ने गहरा दुख व्यक्त किया।

देश-दुनिया में दिलाई छत्तीसगढ़ को पहचान

तीजन बाई ने भारत के साथ-साथ दुनिया के कई देशों में पंडवानी की प्रस्तुति देकर छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति को वैश्विक पहचान दिलाई। उनकी कला ने लोक परंपरा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया और लाखों लोगों को भारतीय लोक संस्कृति से जोड़ने का काम किया।

गनियारी में होगा अंतिम संस्कार

परिजनों ने बताया कि उनका पार्थिव शरीर रायपुर से उनके पैतृक गांव गनियारी ले जाया जाएगा, जहां अंतिम दर्शन के बाद पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा। उनके निधन की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में प्रशंसक और शुभचिंतक गांव पहुंचने लगे हैं। परिजनों ने सभी से दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करने और अंतिम दर्शन के लिए गनियारी पहुंचने की अपील की है। डॉ. तीजन बाई का निधन केवल एक महान लोकगायिका का जाना नहीं है, बल्कि छत्तीसगढ़ की उस जीवंत सांस्कृतिक विरासत की अपूरणीय क्षति है, जिसने पंडवानी जैसी लोककला को विश्व मंच पर सम्मान दिलाया।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने श्रद्धांजलि अर्पित की

पंडवानी गायिका और पद्म विभूषण से सम्मानित डॉ. तीजन बाई के निधन पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा, "तीजन बाई का निधन हो गया है, जो पद्म विभूषण और पद्मश्री से नवाजी गई थीं। उन्होंने पूरे देश और दुनिया में छत्तीसगढ़ का नाम रोशन किया था। हम उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं।

13 साल की उम्र में पंडवानी से जुड़ाव

तीजन बाई ने इस परंपरा को तोड़ते हुए मंच पर अपनी अलग पहचान बनाई। तीजन बाई ने 13 साल की उम्र में सबसे चंद्रखुरी में अपनी प्रस्तुति दी। तीजन बाई ने भारत के साथ-साथ अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, जापान, रूस, ऑस्ट्रेलिया, जर्मनी समेत अनेक देशों में पंडवानी की प्रस्तुति देकर छत्तीसगढ़ की लोककला का डंका बजाया। उनकी कला की सराहना देश-विदेश में हुई। तीजन बाई को कला क्षेत्र में अतुलनीय योगदान के लिए कई प्रतिष्ठित सम्मान मिले, जिनमें प्रमुख हैं- पद्मश्री (1988) संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार (1995) पद्मभूषण (2003), पद्म विभूषण (2019)।

कला जगत के लोगों ने दी श्रद्धांजलि

गणराजा म्यूजिक प्रोडक्शन अजेय कौशिक ने कहा कला के प्रति अपने अनन्य समर्पण से 'पंडवानी' और हमारे छत्तीसगढ़ का नाम देश-दुनिया में रोशन करने वाली आदरणीय तीजन बाई जी का अवसान हम सभी के लिए एक अपूरणीय क्षति है। कला जगत के प्रति उनके इस अमूल्य योगदान के लिए हम सदैव कृतज्ञ रहेंगे”,भावभीनी श्रद्धांजलि।

Updated on:
05 Jul 2026 08:49 am
Published on:
05 Jul 2026 07:21 am