
रायपुर. उत्तर प्रदेश के हाथरस जा रही कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रियंका गांधी वाड्रा को रोकने के लिए पुलिसकर्मी द्वारा कपड़े पकड़कर खींचने की तस्वीरों ने कांग्रेस भड़का दिया हैं। छत्तीसगढ़ कांग्रेस में भी इसकी नाराजगी दिखी। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया पर लिखा, क्या उत्तर प्रदेश प्रशासन के पास कोई महिला पुलिसकर्मी नहीं थी। प्रियंका गांधी को इस तरह पुरुष पुलिसकर्मी द्वारा रोकना बेहद आपत्तिजनक एवं निंदनीय है। मुख्यमंत्री ने लिखा, राष्ट्रीय महिला आयोग को तुरंत इसका संज्ञान लेकर जांच करनी चाहिए।
इधर राज्य सभा में कांग्रेस की दोनों सांसदों, छाया वर्मा और फूलोदेवी नेताम ने राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष को पत्र लिखकर मामले की शिकायत की है। अपनी शिकायत में घटना की जिक्र करते हुए दोनों महिला सांसदों ने लिखा, भारत के संविधान में महिलाओं के लिए विशेष कानून हैं। यह प्रावधान किया गया है, किसी महिला को रोकने और पकडऩे का कार्य केवल महिला पुलिसकर्मी ही कर सकती हैं, कोई पुरुष नहीं।
लेकिन उत्तर प्रदेश पुलिस के एक पुरुष अधिकारी ने न केवल प्रियंका गांधी को रोका बल्कि बेहद अशोभनीय ढंग से उनके कपड़े भी पकड़कर खींचे। सांसदों ने लिखा, इस दुव्र्यवहार से पूरे देश में महिलाओं में जबरदस्त आक्रोश है। कांग्रेस सांसदों ने मामले का संज्ञान लेकर यूपी पुलिस के संबंधित अधिकारी और उनके सभी आला अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है।
एनएसयूआई ने विरोध में उड़ाए काले गुब्बारे
कांग्रेस की छात्र शाखा एनएसयूआई ने रविवार को रायपुर के जयस्तंभ चौक पर इकटठा होकर प्रियंका गांधी के साथ हुई बदसलूकी के विरोध में काले गुब्बारे उड़ाए। संसदीय सचिव विकास उपाध्याय और एनएसयूआई के प्रदेश अध्यक्ष आकाश शर्मा की अगुवाई में प्रदर्शनकारियों ने उत्तर प्रदेश के प्रशासन और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की। विकास उपाध्याय ने कहा, पीडि़त परिवार से मिलने के रोकने के लिए हमारे नेताओं के साथ दुव्यर्वहार किया गया। यह घटना बेहद शर्मनाक है। प्रदर्शन में भावेश शुक्ला, प्रतीक सिंह, अमित शर्मा, हनी बग्गा, योगेश साहू, शान सैफी,तुषार गुहा, सौरव सोनकर, संकल्प मिश्रा आदि शामिल थे।