
रायपुर. भारत रत्न और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का निधन हो गया है। 5.05 मिनट पर उन्होंने अंतिम सांस ली। मुख्यमंत्री रमन सिंह ने अटलजी के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि आज किन शब्दों से अटल जी को विदा करूँ यह समझ नहीं आ रहा, मैंने तो शब्दों की परिभाषा ही उनसे सीखी थी। वे मेरे गुरु, आदर्श एवं पितातुल्य थे। मैं परमेश्वर से उनकी आत्मा को शांति एवं इस दु:ख की घड़ी में समस्त देशवासियों को धैर्य प्रदान करने की प्रार्थना करता हूँ।
मुख्यमंत्री ने अपने दूसरे ट्वीट में कहा कि भारत रत्न अटल जी के देहांत से आज एक युग का अंत हो गया। मृत्यु भले ही अटल सत्य है किंतु आप सदैव हर भारतीय के दिल में अमर रहेंगे। आज का खुशहाल छत्तीसगढ़ आपकी देन है। ढाई करोड़ प्रदेशवासियों की ओर से वाजपेयी जी को सादर श्रद्धांजलि। अटल जी के निधन की खबर मिलते ही छत्तीसगढ़ भाजपा कार्यालय में गम का माहौल छा गया है।
उन्होंने कहा है कि अटल बिहारी वाजपेयी भारत के ही नहीं बल्कि दुनिया के महान नेताओं में से थे। उनके निधन से देश की राजनीति के एक चमकदार सितारे का अंत हो गया। वह भारतीय समाज के सभी वर्गों में, सभी नागरिकों में और सभी राजनीतिक दलों के बीच समान रूप से सम्मानित अत्यंत लोकप्रिय राजनेता थे। उन्होंने अपने लगभग 50 वर्षों के संसदीय जीवन में अपनी विलक्षण प्रतिभा से पक्ष और विपक्ष दोनों में समान रूप से अपार लोकप्रियता हासिल की। तीन बार वर्ष 1996, वर्ष 1998 और वर्ष 1999 में प्रधानमंत्री के रूप देश को अपना कुशल नेतृत्व दिया। मुख्यमंत्री ने कहा - अटल जी का सौम्य और मिलनसार व्यक्तित्व हम सबको हमेशा याद रहेगा।
उन्होंने कहा-छत्तीसगढ़ की ढाई करोड़ से ज्यादा जनता उन्हें राज्य निर्माता के रूप में हमेशा याद रखेगी। मुख्यमंत्री ने कहा- वाजपेयी ने 1998 में रायपुर की एक विशाल जनसभा में छत्तीसगढ़ राज्य बनाने का वादा किया था। उन्होंने वर्ष 2000 में अपने इस वादे को पूरा कर छत्तीसगढ़ की जनता का दिल जीत लिया। यह वाजपेयी का बड़प्पन था और उनके विराट व्यक्तित्व की विनम्रता थी कि जब नवम्बर 2004 में छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर हम लोगों ने उन्हें राज्योत्सव में मुख्य अतिथि के रूप में रायपुर आमंत्रित किया था, तब उन्होंने यहां जनता को सम्बोधित करते हुए कहा था कि छत्तीसगढ़ राज्य का निर्माता मैं नहीं बल्कि आप सब अर्थात इस प्रदेश की ढाई करोड़ जनता है।
मुख्यमंत्री ने कहा-छ त्तीसगढ़ प्रदेश की जनता के साथ वाजपेयी जी का गहरा भावनात्मक जुड़ाव रहा। उनके साथ प्रदेशवासियों की अनेक यादें जड़ी हुई हैं। वह कई बार राज्य के विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल हुए। अटल जी के हाथों जनवरी 2002 में बिलासपुर जिले के सीपत में 1980 मेगावाट क्षमता के विशाल सुपर थर्मल बिजली घर की बुनियाद रखी गई। अटल जी ने 16 अप्रैल 2005 को रायपुर में कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय का शुभारंभ किया था और उसी दिन पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के 11वें दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। वाजपेयी जी ने उस दिन रायपुर में आयोजित पंचायत राज सम्मेलन को भी सम्बोधित किया था और राजधानी के ऐतिहासिक बूढ़ातालाब में स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा का अनावरण भी किया था।
मुख्यमंत्री ने कहा - वाजपेयी जी ने छत्तीसगढ़ सहित झारखंड और उत्तराखंड राज्यों का निर्माण करके देश के राजनीतिक इतिहास में एक नये युग का प्रवर्तन किया। उन्होंने ने वाजपेयी जी के साथ अपने वर्षों पुराने आत्मीय संबंधों को भी याद किया। उन्होंने कहा- वर्ष 1999 से 2003 के बीच तत्कालीन प्रधानमंत्री वाजपेयी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में मुझे भी केन्द्रीय मंत्री के रूप में उनके साथ काम करने का और बहुत कुछ सीखने का अवसर मिला था।
रमन सिंह ने कहा- वाजपेयी जी एक ओजस्वी वक्ता, संवेदनशील कवि और सिद्धांतवादी तथा सहृदय राजनेता थे। उनके देहावसान से देश के सामाजिक-साहित्यिक और राजनीतिक क्षेत्र में एक ऐसा खालीपन आ गया है, जिसकी पूर्ति असंभव है। प्रधानमंत्री के रूप में वाजपेयी जी द्वारा देश के विकास और गांव, गरीब तथा किसानों की समाज की अंतिम पंक्ति लोगों की बेहतरी के लिए कि ये कार्यों को आज भी याद किया जाता है और हमेशा याद किया जाएगा।
उन्होंने कहा-प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना वाजपेयी जी की एक ऐसी देन है, जिससे देश के लाखों गांवों को बारहमासी पक्की सड़कों के साथ बेहतर आवागमन की सुविधा मिली है। सर्वशिक्षा अभियान और स्वर्णिम चतुर्भुज सड़क परियोजना भी वाजपेयी जी के कार्यकाल में शुरू हुई जिनका भरपूर लाभ देश को मिल रहा है।