World Coconut day: नारियल व्यापारी भरत मेघवानी के मुताबिक सीजन में रायपुर में रोजाना करीब 10 ट्रक नारियल की खपत होती है। एक ट्रक में करीब 600 बोरे आते हैं और हर बोरे का वजन लगभग 25 किलो होता है।
World Coconut day: वर्ल्ड कोकोनट डे पर मेकाहारा की न्यूट्रीशनिस्ट नेहा जैन ने नारियल और नारियल पानी के फायदे गिनाते हुए कहा कि यह सिर्फ ताजगी ही नहीं, बल्कि शरीर को भीतर से दुरुस्त रखने वाला सुपरफूड है। खासतौर पर नारियल पानी, आज के दौर के एनर्जी ड्रिंक की तुलना में कहीं ज्यादा असरदार और सुरक्षित विकल्प साबित होता है। डॉ. नेहा ने बताया, 100 ग्राम गूदे में 283 कैलोरी, 27 ग्राम वसा, 9 ग्राम फाइबर और भरपूर मिनरल्स होते हैं। इसमें मौजूद मैंगनीज, तांबा और सेलेनियम हड्डियों, इम्यूनिटी और ब्लड शुगर को संतुलित रखते हैं। इसमें मौजूद मीडियम चेन ट्राइग्लिसराइड्स शरीर को तुरंत ऊर्जा देने का काम करते हैं। यही वजह है कि इसे रोजमर्रा की डाइट में शामिल करना हेल्थ के लिए बेहद फायदेमंद है।
नारियल व्यापारी भरत मेघवानी के मुताबिक सीजन में रायपुर में रोजाना करीब 10 ट्रक नारियल की खपत होती है। एक ट्रक में करीब 600 बोरे आते हैं और हर बोरे का वजन लगभग 25 किलो होता है। गर्मी में यह खपत कम हो जाती है, लेकिन डिहाइड्रेशन से बचने के लिए इसकी डिमांड ज्यादा रहती है। आंध्रप्रदेश से आने वाली आवक पर भी सीजन का असर दिखता है। पिछले साल 10 रुपए का बिकने वाला नारियल अब 20 रुपए का हो गया है। सिर्फ तीन दिनों में ही 2 रुपए और बढ़ गए। वजह है फसल की कमी।
नारियल पानी में पोटेशियम, मैग्नीशियम और सोडियम जैसे प्राकृतिक इलेक्ट्रोलाइट्स पाए जाते हैं। इसमें कैलोरी और शक्कर बेहद कम होती है। यही वजह है कि यह गर्मी और थकान में शरीर को हाइड्रेट करने के साथ-साथ एनर्जी का प्राकृतिक स्रोत बनता है। व्यायाम के बाद या धूप से बचाव के लिए नारियल पानी सबसे हेल्दी विकल्प माना जाता है।
राजधानी के चार्टर्ड अकाउंटेंट सृजन अग्रवाल ने करियर की सुरक्षित राह छोड़कर स्वास्थ्य और शुद्धता को अपना मिशन बना लिया। 2020 से उन्होंने अपना स्टार्टअप खोला और वुड प्रेस्ड वर्जिन कोकोनट ऑयल बनाना शुरू किया, जो आज ऑनलाइन और रायपुर के सुपरमार्केट्स में बिक रहा है। शुरुआत उन्होंने घर के लिए शुद्ध तेल निकालने से की थी, लेकिन धीरे-धीरे इसे व्यावसायिक रूप दिया।
लकड़ी की घानी से बना यह तेल पूरी तरह प्राकृतिक है और खाने, बॉडी मसाज तथा ऑयल पुलिंग तक में इस्तेमाल किया जाता है। उनका मानना है कि आने वाले समय में प्राकृतिक तेलों और ऑर्गेनिक फूड्स की मांग तेजी से बढ़ेगी, क्योंकि लोग रिफाइंड ऑयल से दूर हो रहे हैं।