
Chhattisgarh Crime News: महादेव सट्टा ऐप के जरिये होने वाली 450 करोड़ रुपए मासिक की काली कमाई को सफेद करने के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बड़ा खुलासा किया है। इस मामले में दिल्ली से गिरफ्तार कारोबारी विकास गर्ग से कड़ाई से पूछताछ जारी है। ईडी की जांच के अनुसार, ऑनलाइन सट्टेबाजी से अर्जित करोड़ों की रकम को सीधे बैंकिंग चैनलों के बजाय पहले नकद के बदले फर्जी एंट्री के जरिए शेल (फर्जी) कंपनियों में भेजा जाता था।
इसके बाद इस ब्लैकमनी को दुबई, मॉरिशस और यूनाइटेड किंगडम (यूके) स्थित कंपनियों के माध्यम से कई स्तरों पर घुमाया जाता था। मनी लॉन्ड्रिंग के इस खेल में दुबई सबसे अहम केंद्र था। वहां से राशि को मॉरिशस और यूके की कंपनियों में ट्रांसफर किया गया। इस पैसे को क्यूआईपी, एफपीआई, एफडीआई और एफसीसीबी जैसे वैध माध्यमों से विकास गर्ग के नियंत्रण वाली लिस्टेड और गैर-लिस्टेड कंपनियों में विदेशी निवेश के रूप में भारत वापस लाया गया।
अपराध की इस कमाई का इस्तेमाल अमेरिका की प्रतिष्ठित कंपनी 'ईबिक्स इंक' में 97.58% हिस्सेदारी खरीदने के लिए किया गया। इसके अलावा भारत और विदेशों में भारी मात्रा में शेयर, प्रतिभूतियां और अचल संपत्तियां खरीदी गईं। महादेव सट्टा मामले में ईडी अब तक देश-विदेश में करीब 4,000 करोड़ रुपए की संपत्तियां कुर्क कर चुकी है। हाल ही में 5 जून को विकास गर्ग और उनके परिजनों की 940.77 करोड़ रुपए की वित्तीय व अचल संपत्तियां भी अस्थायी रूप से जब्त की गई हैं।