रायपुर

CM हेल्पलाइन पर कांग्रेस के तीखे सवाल, पूर्व मंत्री धनेंद्र साहू बोले- टाइम बताइए, जनता कब बात करेगी?

Chief Minister Helpline 1076: छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री हेल्पलाइन ‘1076’ को लेकर पूर्व PCC अध्यक्ष धनेन्द्र साहू ने सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने पारदर्शी व्यवस्था, तय समय-सीमा, SMS ट्रैकिंग और जवाबदेह सिस्टम की मांग की।

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Jun 03, 2026
Chief Minister Helpline 1076
पूर्व मंत्री धनेंद्र साहू (photo source- Patrika)

विनोद जैन/Chhattisgarh Politics: गोबरा नवापारा। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा शुरू की गई मुख्यमंत्री हेल्पलाइन ‘1076’ को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं सामने आने लगी हैं। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष धनेन्द्र साहू ने इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि जनता की समस्याओं को सीधे सुनने और समाधान देने की दिशा में यह एक सकारात्मक कदम है, लेकिन यदि इसमें स्पष्ट व्यवस्था, पारदर्शिता और जवाबदेही नहीं होगी तो यह केवल एक और सरकारी घोषणा बनकर रह जाएगी।

उन्होंने कहा कि सरकार का दावा है कि मुख्यमंत्री स्वयं जनता की समस्याएं सुनेंगे, लेकिन अब तक यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि मुख्यमंत्री किस दिन और कितने समय तक आम नागरिकों से सीधे संवाद करेंगे। मुख्यमंत्री की प्रशासनिक व्यस्तताओं को देखते हुए 24 घंटे उपलब्ध रहना संभव नहीं है, इसलिए सरकार को जनता के सामने एक तय शेड्यूल रखना चाहिए।

Chhattisgarh Politics: जनदर्शन व्यवस्था की खामियों पर उठाए सवाल

धनेन्द्र साहू ने राज्य में पहले से संचालित जनदर्शन व्यवस्था का जिक्र करते हुए कहा कि कई बार कार्यक्रम महीनों तक स्थगित रहते हैं। इसका सबसे ज्यादा असर ग्रामीण और वनांचल क्षेत्रों से आने वाले लोगों पर पड़ता है। उन्होंने कहा कि दूर-दराज के गांवों से गरीब लोग कर्ज लेकर राजधानी तक पहुंचते हैं, लेकिन वहां जाकर उन्हें पता चलता है कि जनदर्शन कार्यक्रम स्थगित हो चुका है। इससे लोगों का समय, पैसा और सरकार पर भरोसा — तीनों बर्बाद होते हैं। साहू ने कहा कि यदि सरकार वास्तव में जनता की समस्याओं को लेकर गंभीर है तो उसे ऐसी व्यवस्थाओं को भरोसेमंद और व्यवस्थित बनाना होगा।

हेल्पलाइन में पारदर्शिता और ट्रैकिंग सिस्टम की मांग

पूर्व PCC अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन ‘1076’ को प्रभावी बनाने के लिए कई सुझाव भी दिए। उन्होंने कहा कि शिकायत दर्ज होते ही आवेदक को SMS के माध्यम से शिकायत आईडी या टोकन नंबर मिलना चाहिए, ताकि वह अपनी शिकायत की स्थिति ऑनलाइन ट्रैक कर सके। उन्होंने कहा कि अक्सर लोग शिकायत दर्ज तो कराते हैं, लेकिन बाद में उन्हें यह जानकारी ही नहीं मिलती कि उनकी समस्या पर क्या कार्रवाई हुई। ऐसे में ट्रैकिंग सिस्टम जनता का भरोसा बढ़ाने में मदद करेगा।

7 से 15 दिनों की समय-सीमा तय करने की मांग

धनेन्द्र साहू ने कहा कि हर शिकायत के निराकरण के लिए अधिकतम 7 से 15 दिनों की समय-सीमा तय की जानी चाहिए। साथ ही शिकायत तभी बंद मानी जाए जब संबंधित व्यक्ति समाधान से संतुष्ट हो। उन्होंने कहा कि कई बार सरकारी रिकॉर्ड में शिकायतों का निराकरण दिखा दिया जाता है, लेकिन जमीन पर समस्या जस की तस बनी रहती है। इसलिए नागरिक की संतुष्टि को ही अंतिम मानक बनाया जाना चाहिए।

जिला और ब्लॉक स्तर पर जारी हो जनदर्शन कैलेंडर

साहू ने सुझाव दिया कि जिला और ब्लॉक स्तर पर आयोजित होने वाले जनदर्शन कार्यक्रमों का कैलेंडर पहले से जारी किया जाए। यह जानकारी अखबारों, सोशल मीडिया और प्रशासनिक माध्यमों से सार्वजनिक की जानी चाहिए, ताकि ग्रामीणों और दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों को अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि पहले से जानकारी मिलने पर लोग अपनी तैयारी और यात्रा की योजना बेहतर तरीके से बना सकेंगे।

Chhattisgarh Politics: ‘1076’ को परिणाममूलक व्यवस्था बनाने की जरूरत

धनेन्द्र साहू ने कहा कि केवल नई हेल्पलाइन शुरू कर देना पर्याप्त नहीं है। यदि सरकार वास्तव में जनता की समस्याओं के समाधान को लेकर गंभीर है तो ‘1076’ को एक जवाबदेह, पारदर्शी और परिणाममूलक प्रशासनिक व्यवस्था के रूप में विकसित करना होगा। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि इस व्यवस्था में स्पष्ट नियम, समय-सीमा और निगरानी नहीं होगी तो यह भी अन्य योजनाओं की तरह केवल एक लोक-लुभावन घोषणा बनकर रह जाएगी। अब देखने वाली बात यह होगी कि सरकार विपक्ष द्वारा उठाए गए इन सवालों और सुझावों पर कितना ध्यान देती है और मुख्यमंत्री हेल्पलाइन ‘1076’ वास्तव में आम जनता की उम्मीदों पर कितना खरा उतर पाती है।

Published on:
03 Jun 2026 08:06 pm