
रायपुर. आदर्श नगर में अकेली रहने वाली महिला की गोली मारकर हत्या करने वाला उसका किराएदार ही निकला। आरोपी का महिला के साथ अवैध संबंध था। इसे छुपाने के लिए उसने मृतका की गोली मारकर हत्या कर दी। पुलिस ने मामले को 48 घंटे के भीतर सुलझा लिया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। आरोपी केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल(सीआरपीएफ) में हवलदार है और वीआइपी स्टेट स्थित कार्यालय में पदस्थ है।
मामले का खुलासा करते हुए एसएसपी अमरेश मिश्रा ने बताया कि शनिवार-रविवार की रात आदर्श नगर निवासी कविता उर्फ सीमा वर्मा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मामले की जांच के दौरान महिला का किराएदार सीआरपीएफ का हवलदार पंकज कुमार सिंह के साथ कुछ दिन पहले विवाद होने का पता चला। पुलिस ने विवाद के कारणों की जांच की। इसके बाद पंकज पर संदेह हुआ। पुलिस ने कई स्तर पर उससे पूछताछ की। इससे वह टूट गया और कविता की हत्या करना स्वीकार किया। आरोपी ने अपने लाइसेंसी पिस्टल से उसकी हत्या की थी। पुलिस ने आरोपी के पास से हत्या में इस्तेमाल पिस्टल और 12 जिंदा कारतूस बरामद किए है। आरोपी के पास से महिला का मोबाइल भी जब्त हुआ है।
आरोपी ने महिला के साथ फोटो व कुछ वीडियो बनाए थे। मर्डर करने के बाद आरोपी महिला के मोबाइल को अपने साथ ले गया। और उसे तोडऩे के लिए बाड़ा में फेंक दिया था। इससे मोबाइल खराब हो गया है। पुलिस ने मोबाइल जब्त कर लिया है।
पुलिस के मुताबिक आरोपी पंकज कुमार ने कविता की हत्या करने की वजह मृतका से झगड़ा होना बताया है। मृतका शराब के नशे में आरोपी को गाली-गलौज करती थी और उसकी गाड़ी में तोडफ़ोड़ की थी। मृतका उसके साथ बने अवैध संबंध का खुलासा करना चाहती थी। इसलिए उसकी हत्या कर दी।
आरोपी काफी शातिर है। उसने प्लानिंग के साथ महिला की हत्या की। कविता रात में अक्सर शराब पीती थी। घटना वाली रात महिला के नशे में होने का आरोपी ने फायदा उठाया। आधी रात के बाद उससे मिलने पहुंचा। इसके बाद अपने लाइसेंसी पिस्टल से तबाड़तोड़ फायरिंग कर दी। इससे महिला को शोर मचाने और बचने का मौका ही नहीं मिला। महिला मौके पर ही ढेर हो गई। इसके बाद आरोपी सीधा अपने कैंप चला गया और पिस्टल को वहां सेफ में रख दिया।
हत्या को सुलझाने के लिए पुलिस ने क्राइम ब्रांच और थानों की २० टीमें बनाई थी, जो अलग-अलग बिंदुओं पर काम कर रही थी। इस दौरान महिला से जुड़े ४० लोगों से पूछताछ की गई। जांच के दौरान पुलिस को घटनास्थल पर बुलेट के खोखे मिले। जिंदा कारतूस भी मिला था। इसे देखकर यह साबित हो गया था कि यह लाइसेंसी पिस्टल का है। बुलेट के नंबर के आधार और पंकज का घर से गायब रहकर कैंप में जाने से पुलिस को शक हुआ। पंकज और उसकी पत्नी से अलग-अलग बयान लिए गए। इससे दोनों के बयान विरोधाभासी थे। इसके बाद पुलिस अंतिम नतीजे तक पहुंच गई।
आरोपी पंकज मूलत: बिहार के बेगुसराय का रहने वाला है और अपनी पत्नी के साथ करीब ९ माह पहले ही कविता के घर किराए से रहने आया था। पंकज के दो बच्चे हैं, जो बाहर रहते हैं। सूत्रों के मुताबिक पंकज की पत्नी अक्सर बाहर रहती थी। इस बीच पंकज और कविता के बीच अवैध संबंध बन गए। दोनों पति-पत्नी की तरह ही रहने लगे थे। पंकज की पत्नी के लौटने के बाद दोनों का मिलना-जुलना बंद हो गया। इस बीच कविता के घर दूसरे लोगों का भी आना-जाना होता था। इस बात से पंकज नाराज रहने लगा। उसने कविता को दूसरों से मिलने से मना किया। लेकिन वह नहीं मानी। इसी बात पर दोनों के बीच झगड़ा होने लगा। करीब पखवाड़े भर पहले भी इसी बात को लेकर विवाद हुआ। उस दौरान कविता ने पंकज को धमकी दी थी कि वह अवैध संबंध का उसकी पत्नी के सामने खुलासा कर देगी। इसके बाद से पंकज उसकी हत्या करने के फिराक में रहता था।
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ हत्या की धारा 302 के तहत अपराध दर्ज किया है, लेकिन साक्ष्य छिपाने की कोशिश की धारा नहीं लगाई है। आरोपी ने हत्या के बाद मृतका के मोबाइल को तोडऩे की कोशिश की और पिस्टल को कैंप में ले जाकर छिपा दिया।