- 25 किलोमीटर परिधि के अंतर्गत पंचकोशी धाम यात्रा के प्रमुख स्थलों में मार्गों में संकेतांक (साइन बोर्ड) लगाने को कहा।
रायपुर.राम वन गमन पथ में आने वाले स्थलों में से आठ स्थलों सीतामढ़ी-हरचौका (कोरिया), रामगढ़ (सरगुजा), शिवरीनारायण (जांजगीर-चांपा), तुरतुरिया (बलौदाबाजार), चंदखुरी (रायपुर), राजिम (गरियाबंद), सिहावा (धमतरी) और जगदलपुर को चिन्हित कर पर्यटन परिपथ के रूप में विकसित किया जा रहा है। गुरुवार को मुख्य सचिव आरपी मण्डल ने मुख्य वन संरक्षक राकेश चतुर्वेदी एवं पर्यटन विभाग के सचिव अन्बलगन पी. के साथ राजिम का स्थल निरीक्षण किया। उन्होंने पर्यटन विभाग के अधिकारियों को 10 दिन के अंदर कार्य योजना तैयार करने को कहा है।
मुख्य सचिव ने अधिकारियों से कुलेश्वर मंदिर, राजीव लोचन मंदिर और लोमस ऋषि आश्रम को सौंदर्यीकरण करने के निर्देश दिए। यह कहा कि वहां जरूरी सुविधाएं विकसित की जाएं। निरीक्षण के दौरान राजिम और आस-पास के 25 किलोमीटर परिधि के अंतर्गत पंचकोशी धाम यात्रा के प्रमुख स्थलों में मार्गों में संकेतांक (साइन बोर्ड) लगाने को कहा। मुख्य सचिव ने भगवान राजीव लोचन की पूजा अर्चना कर प्रदेश के खुशहाली और समृद्धि के लिए कामना भी की। इस अवसर पर वन, पर्यटन और स्थानीय प्रशासन के अफसर मौजूद रहे।