
रायपुर. राजधानी में कोरोना से हर दिन 70 से 100 मरीजों की मौत हो रही है। इनकी लाश के दाह संस्कार का जिम्मा नगर निगम प्रशासन को सौंपा गया है। लेकिन शव के दाह संस्कार में ही नगर निगम के जिम्मेदारों द्वारा भारी लापरवाही बरती जा रही है। शव को आधे-अधूरे जला रहे है। शव के पूरी तरह नहीं जलने से आसपास के कुत्ते बचे अंग को खाने लगे हैं।
ऐसा ही मामला सड्डू के श्मशान घाट का आया है। पिछले दिनों यहां नगर निगम द्वारा कोरोना से मृत व्यक्तियों के शव को शव जलाया गया, लेकिन आधे-अधूरे। शव पूरी तरह से जलने से पहले ही आग भी बुझ गई। इसके बाद आसपास के आवारा कुत्ते शव के बचे अंगों से बदबू आने पर पास पहुंचे और उसे उठाकर ले गए।
श्मशान घाट के किनारे ही उसे खाने लगे। इसकी जानकारी जब आसपास के लोगों को मिली, तो वे लोग आक्रोशित हो गए। ऐसे में कोरोना फैलने का डर सताने लगा। इसकी शिकायत लोगों ने वार्ड पार्षद सुशीला धीवर से की, तो उन्होंने तत्काल निगम के अधिकारियों को फोन लगाया लेकिन कोई जवाब नहीं दिया।
पार्षद की अपर आयुक्त से शिकायत बेअसर
पार्षद सुशीला धीवर ने बताया कि निगम कर्मियों द्वारा आधे-अधूरे शव जलाने की शिकायत निगम के अपर आयुक्त पुलक भट्टाचार्य से भी की। उन्होंने अपर आयुक्त को बताया कि कोरोना से मरने वालों के शव जलाने से क्षेत्र के लोगों में वैसे भी दहशत का माहौल है। ऊपर से आधे-अधूरे शव जलाने से कुत्ते उसे नोंचकर खा रहे हैं।
यदि कुत्ते इसे रहवासी क्षेत्र में छोड़ दिया तो कोरोना फैल सकता है। पार्षद ने बताया कि अपर आयुक्त को फोन कर बताने के बावजूद रहवासी क्षेत्र के नजदीक शव जलाया जा रहा है। इससे क्षेत्र के लोगों में भारी आक्रोश है। लोगों के गुस्से का सामना पार्षद को करना पड़ रहा है।
नगर निगम रायपुर महापौर एजाज ढेबर ने कहा, यदि ऐसा हैं तो शीघ्र इसे दिखवाता हूं। संबंधित अधिकारियों से जवाब-तलब किए जाएंगे। आधे-अधूरे शव जलाना तो बेहद लापरवाही है।