रायपुर

CG Strike: कलेक्टर दर पर वेतन के लिए हड़ताल पर गए चालक-हेल्पर, घरों तक नहीं पहुंची गाड़ियां

CG Strike: स्वच्छता सर्वे शुरू होने के बाद छोटी-छोटी बातों को लेकर संभलकर कदम उठाए जा रहे हैं तो वहीं, रामकी कंपनी स्वच्छता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले कर्मचारियों, गाड़ी चालकों और हेल्परों को तय पारिश्रिमिक नहीं दे रही है।

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Jan 14, 2026

CG Strike: स्वच्छता में राजधानी को नंबर-1 बनाने का सपना रामकी कंपनी के कारण पूरा नहीं हो पाएगा। एक ओर नगर निगम और प्रशासन अनेक योजनाएं लाकर स्वच्छता के प्रयास कर रहे हैं। स्वच्छता सर्वे शुरू होने के बाद छोटी-छोटी बातों को लेकर संभलकर कदम उठाए जा रहे हैं तो वहीं, रामकी कंपनी स्वच्छता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले कर्मचारियों, गाड़ी चालकों और हेल्परों को तय पारिश्रिमिक नहीं दे रही है।

मंगलवार को इसी कारण चालक और हेल्पर हड़ताल पर चले गए जिससे घरों-दुकानों से कचरा नहीं उठ पाया। डोर टू डोर कचरा गाड़ी आने का लोग इंतजार करते हैं, लेकिन वह दिनभर नहीं आई। रामकी कंपनी व्यवस्था नहीं संभाल पा रही है। कंपनी के प्रबंधकों और कर्मचारियों के बीच लड़ाई का खामियाजा शहर की लाखों जनता को भुगतना पड़ रहा है।

अव्यवस्था के बाद भी तर्क दिया जाता है कि शहर की सफाई, जलापूर्ति, बिजली अनिवार्य सेवाओं में आती हैं, जिसे बंद नहीं किया जा सकता है। इसके बावजूद अचानक रामकी कंपनी के ड्राइवर और हेल्पर मांगों को लेकर हड़ताल पर चले गए। कलेक्टर दर पर भुगतान, बकाया एरियर और हेल्परों के वेतन को लेकर दलदल सिवनी डिपो से गाड़ियां बाहर नहीं निकलीं।

दिवाली के बाद दूसरी बार कंपनी ने दिया धोखानिगम के 70 वार्डों में 4 लाख मकान और दुकानें हैं। हर दिन 750 टन कचरा निकलता है। रामकी कंपनी और कर्मचारियों के बीच दिनभर खींचतान चलती रही। कर्मचारियों का कहना था कि बीते 8 वर्षों से उन्हें कलेक्टर दर पर भुगतान नहीं किया जा रहा था।

ड्राइवरों को 10 हजार और हेल्परों को करीब 9 हजार मिलता है। इससे घर का खर्च चलाना मुश्किल हो रहा है। जबकि कलेक्टर दर पर ड्राइवर का 12,606 रुपए और हेल्पर को 11 हजार 200 रुपए मिलना चाहिए। दिवाली के समय हड़ताल के दौरान नगर निगम और श्रम विभाग के अधिकारियों ने लिखित आश्वासन दिया था, लेकिन मांगें पूरी नहीं हुईं।

निगम के अफसर दिनभर बातचीत करते रहेरामकी कंपनी के क्षेत्रीय प्रबंधक योगेश कुमार और कर्मचारियों में समझौता कराने और शहर से कचरा उठाव कैसे शुरू हो, इसे लेकर दिनभर बातचीत करने में निगम के अधिकारी लगे रहे। लोगों के घरों में कचरा रखा रह गया। कई जगहों पर लोग सड़क किनारे, नाली और आसपास की खाली जगहों पर फेंककर बाल्टी खाली की।

सुविधाएं देने महापौर परिषद असफल : नेता

प्रतिपक्ष फोटो कचरा नहीं उठने पर नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी ने सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि रामकी अपने कर्मचारियों की समस्याएं सुलझाने में असफल है। वहीं, महापौर को लेकर कहा कि वह कंपनी की मनमानी पर रोक नहीं लगा पा रही हैं। आज से व्यवस्था होगी बहालकचरा कलेक्शन का ठेका रामकी कंपनी को दिया गया है। इसके कर्मचारियों की हड़ताल की वजह से व्यवस्था गड़बड़ हुई है। इसे लेकर बात हुई है। संभवत: बुधवार से कचरा उठाने का काम शुरू होगा।

Published on:
14 Jan 2026 03:13 am
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