एम्स में विश्व श्रवण दिवस पर शुरू हुए पांच दिवसीय कार्यक्रम, संक्रमण और सिर में चोट से भी पड़ता है श्रवण क्षमता पर असर
रायपुर. राजधानी के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में विश्व श्रवण दिवस (वल्र्ड हियरिंग डे) पर ५ दिवसीय कार्यक्रम सोमवार से शुरू हुआ। एम्स के निदेशक और ईएनटी विभागाध्यक्ष प्रो. (डॉ.) नितिन एम. नागरकर ने कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए कहा कि मोबाइल ईयरफोन से फुल वाल्यूम में गाना सुनना श्रवण क्षमता को प्रभावित करता है। इसके अलावा डीजे पर तेज संगीत सुनना भी कानों के पर्दे पर दुष्प्रभाव डालता है। इसके अलावा कानों में संक्रमण, फंगस, बैक्टीरिया आदि से भी कानों की सुरक्षा करनी चाहिए। थोड़ी सी भी दिक्कत होने पर डॉक्टर के पास जाना चाहिए। बैचलर ऑफ आडियोलॉजी एंड स्पीच लैंग्वेज पैथोलॉजी के छात्र कार्तिक अग्रवाल, रानी द्विवेदी, कल्याणी पात्रीकर और शिवकांत पटेल ने मरीजों और उनके परिजनों को विभिन्न प्रकार के संक्रमण से बचने, कान की आनुवांशिक बीमारियों और चोट से श्रवण क्षमता पर पडऩे वाले असर के बारे में बताया।
प्रदेशभर में चलेगा राष्ट्रीय सुनवाई जागरुकता अभियान
रायपुर. केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की तरफ से प्रतिवर्ष 3 मार्च को विश्व श्रवण दिवस मनाया जाता है। इस बार भारत सरकार की तरफ से ३ मार्च से नेशनल हियरिंग अवेयरनेस कैंपेजिंग (एनएचएसी) पखवाड़ा मनाया जाएगा। प्रदेशभर में १७ मार्च तक पखवाड़ा मनाया जाएगा। इसके अंतर्गत विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को जागरूक किया जाएगा।