Census 2026: यपुर जिले में 3939 ब्लॉक बनाए गए है। वहीं 2438 ब्लॉक में प्रगणक तेजी से कार्य कर रहे हैं, बाकी 1501 ब्लॉक प्रोग्रेस में हैं। वहीं, प्रदेश की बात की जाए तो दो लाख से अधिक घरों तक प्रगणक अब तक पहुंच चुके हैं।
Census 2026: रायपुर जिले में 1 मई से शुरू हुए घर-घर जनगणना के काम में चार दिन में प्रगणक 47 हजार 341 घरों तक पहुंच चुके हैं। 1 लाख 62 हजार 653 सदस्य इन घरों में निवासरत हैं। दरअसल नक्शा बनाने के बाद प्रगणक घर-घर जाकर लोगों से 33 सवालों के जवाब ले रहे हैं। जानकारी के अनुसार रायपुर जिले में 3939 ब्लॉक बनाए गए है। वहीं 2438 ब्लॉक में प्रगणक तेजी से कार्य कर रहे हैं, बाकी 1501 ब्लॉक प्रोग्रेस में हैं। वहीं, प्रदेश की बात की जाए तो दो लाख से अधिक घरों तक प्रगणक अब तक पहुंच चुके हैं। ये सारे आंकड़े सोमवार के शाम 6.30 बजे तक सिस्टम में दर्ज हुए आंकडे़ हैं।
जो प्रगणक घर-घर जाकर जानकारी जुटा रहा है, उसे पहले अपने-अपने एरिया का नक्शा बनाने कहा गया था। जिससे उन्हें अपने ब्लॉक के घरों की जानकारी हो, और बिना किसी परेशानी के वे अपने एरिया में काम पूरी सके। इससे इन्हें काफी राहत मिल रही है। एक प्रगणक के पास करीब 180-200 घर हैं।
16 से 30 अप्रैल तक स्वगणना फॉर्म भरने का ऑप्शन दिया गया था। जिसके माध्यम से प्रदेशभर में करीब 1 लाख 42 हजार लोगों ने स्वगणना फॉर्म भरा है। दरअसल स्वगणना फॉर्म भरने के बाद एक एसई आईडी मिलता है, जिसे संभालकर रखना होता है। जब प्रगणक घर पहुंचते है, तो इसी एसई आईडी के माध्यम से ही वे सत्यापन कर जनगणना फॉर्म भरते है। प्रगणक अब तक 273 आईडी का सत्यापन कर चुके हैं।
जनगणना कार्य में लगे प्रगणकों और सुपरवाइजर की सुरक्षा के लिए जिला जनगणना अधिकारी ने पुलिस कमिश्नर रायपुर और पुलिस अधीक्षक ग्रामीण को पत्र लिखा है। पत्र में कहा गया है कि कुछ स्थानों पर प्रगणकों के साथ मारपीट की घटनाएं संज्ञान में आ रही हैं। इनके साथ किसी प्रकार का विवाद व अप्रिय घटना न हो इसके लिए समस्त पुलिस थाना में पूर्व सावधानी बरतने और पुलिस सुरक्षा बल उपलब्ध कराने की मांग की गई है।
जनगणना कार्य में पारदर्शिता और सुरक्षा तय करने के लिए सभी फील्ड कर्मचारियों को फोटोयुक्त पहचान पत्र जारी किए जाएंगे। आम नागरिकों से अपील की गई है कि वे केवल अधिकृत पहचान पत्र वाले कर्मचारियों को ही जानकारी उपलब्ध कराएं। शहरी क्षेत्रों, बंद गेट वाली कॉलोनियों और अपार्टमेंट परिसरों में गणना कार्य को लेकर विशेष रणनीति बनाई गई है, ताकि प्रगणकों को प्रवेश में किसी प्रकार की बाधा न हो और कोई भी परिवार गणना से वंचित न रहे।