Raipur News: पहलगाम में हुई वारदात को एक साल हो गया। लेकिन, परिवार के लोग अब भी गम से उबर नहीं पाए हैं। समय के साथ यादें धुंधली होने लगती है।
Raipur News: @राकेश टेम्भुरकर। पहलगाम की वादियों में एक साल पहले 22 अप्रैल 2025 को हुए आतंकी हमले में हुई दिनेश मिरानीया की मृत्यु के बाद परिवार वाले सदमे से नहीं उबर पाए हैं। उस दुखद घटना को याद करते हुए आज भी सुबकने लगते हैं। घर में लगी फोटो को देखकर अक्सर पुराने दिन को याद करते हुए स्वयं को ढाढंस देते हैं। हालांकि यह आसान नहीं लेकिन, दिल पर पत्थर रखकर भविष्य को देखते हुए आगे बढ़ने की प्रेरणा मिल सकेंं। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम की बैसरन घाटी में आतंकियों ने कुल 28 लोगों को मौत के घाट उतार दिया था। आतंकवादियों की कायराना करतूत ने देश को हिला दिया था।
आंतकियों की इस कायराना करतूत से रायपुर की समता काॅलोनी के निवासी कारोबारी दिनेश मिरानिया की मृत्यु हो गई। वह परिजनों के साथ पहलगाम गए हुए थे। इस हमले में 20 से अधिक लोग घायल भी हो गए थे। यह हमला ऐसे समय हुआ जब घाटी में पर्यटकों की संख्या में तेजी से इजाफा हो रहा था।
बताया कि अक्सर याद करके सुबकते हैं
दिनेश के करीबी रिश्तेदार अमर बंसल ने बताया कि पहलगाम में हुई वारदात को एक साल हो गया। लेकिन, परिवार के लोग अब भी गम से उबर नहीं पाए हैं। समय के साथ यादें धुंधली होने लगती है। लेकिन, पूरा परिवार अब भी जैसे ठहर सा गया है। दिन महीने और साल बीतने के बाद भी पत्नी और बच्चों के जेहन में यादें ताजा हैं। कभी उस घटना की याद करने पर जख्म ताजा हो जाते हैं। उन्होंने बताया कि दिनेश की पत्नी नेहा मिरानिया माता के साथ ही पिता की दोहरी भूमिका निभा रही है।
बच्चे आज भी उस दुखद घटना को नहीं भूले हैं। जब कभी याद आती है शून्य को निहारने के साथ बात करने पर दुखी हो जाते हैं। इसे देखते हुए करीबी रिश्तेदार और परिजन पुरानी घटना को कुरेदने और घटना के संबंध में बात करने से परहेज करते हैं। अमर बंसल ने बताया कि जैसे समय रुक सा गया है। पिता और पति के जाने के बाद संघर्षभरे जीवन की डगर को समय के साथ किसी तरह आगे बढ़ने की कोशिश कर रहे हैं। कई बार उस लम्हे को याद करते हुए दिल हल्का करने के लिए सुबकते हुए देखा है।
अमर बंसल ने बताया कि घर के बाहर आज भी दिनेश द्वारा लगाई गई श्री मिरानीया की नेमप्लेट लगी है। परिजन आज भी उन्हें याद करते है कि किस तरह पत्नी और दो बच्चों के साथ अपनी शादी की सालगिरह मनाने के लिए कश्मीर घूमने गए थे, जहां आतंकियों ने उन्हें निशाना बनाया। आतंकियों ने कथित तौर पर नाम पूछने के बाद पत्नी और बच्चों के सामने उन्हें गोली मारी।