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Sachin Tendulkar Bastar visit: CM साय का बस्तर दौरा टला! सचिन तेंदुलकर का भी बदला शेड्यूल, जानें वजह…

Sachin Tendulkar Bastar visit: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का बस्तर दौरा स्थगित हो गया है, जिसके चलते सचिन तेंदुलकर के कार्यक्रम में भी बदलाव किया गया है।

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Sachin Tendulkar Bastar visit (photo source- Patrika)

Sachin Tendulkar Bastar visit (photo source- Patrika)

Sachin Tendulkar Bastar visit: छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में प्रस्तावित बड़ा कार्यक्रम अंतिम समय में बदल गया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का दौरा अचानक स्थगित कर दिया गया, जिससे कार्यक्रम की रूपरेखा में भी बदलाव करना पड़ा। मुख्यमंत्री इस दौरे के दौरान भारत रत्न सचिन तेंदुलकर के साथ विभिन्न आयोजनों में शामिल होने वाले थे, लेकिन मंगलवार शाम को अपरिहार्य कारणों से उनका दौरा टाल दिया गया।

Sachin Tendulkar Bastar visit: मौसम और सुरक्षा वजह बने कारण

सूत्रों के मुताबिक, दंतेवाड़ा क्षेत्र में पिछले दो दिनों से लगातार खराब मौसम बना हुआ है। तेज बारिश, आंधी और ओलावृष्टि ने हालात चुनौतीपूर्ण कर दिए थे। इसके साथ ही सुरक्षा कारणों को भी ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया। हालांकि, प्रशासन की ओर से आधिकारिक तौर पर विस्तृत कारण स्पष्ट नहीं किए गए हैं।

सचिन के कार्यक्रम में बदलाव

मुख्यमंत्री का दौरा रद्द होने के बाद सचिन तेंदुलकर के कार्यक्रम में भी बदलाव करना पड़ा। पहले तय कार्यक्रम के अनुसार वे गीदम ब्लॉक के जांवगा, पनेड़ा और छिंदनार सहित कई स्थानों पर जाने वाले थे। अब संशोधित कार्यक्रम के तहत वे केवल छिंदनार गांव का ही दौरा करेंगे।

इंद्रावती नदी के किनारे बसे इस गांव में उनके आगमन को लेकर तैयारियां पूरी हो चुकी हैं और स्थानीय लोगों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है।

शिक्षा और खेल को बढ़ावा देने की पहल

सचिन तेंदुलकर की पहल सिर्फ एक दौरे तक सीमित नहीं है, बल्कि बस्तर के दूरस्थ इलाकों में खेल और शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा कदम है। उनके फाउंडेशन द्वारा गीदम ब्लॉक के कई स्कूलों और आश्रमों में खेल सुविधाएं विकसित की जा रही हैं।

करीब 25 स्कूलों और आश्रमों में खेल मैदान तैयार किए जा चुके हैं, जिनमें छिंदनार, कासोली, कोरलापाल, हितामेटा, गुमड़ा, कारली, बांगापाल और अन्य क्षेत्र शामिल हैं। इन जगहों पर बच्चों के लिए बुनियादी खेल सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं, जिससे वे पढ़ाई के साथ-साथ खेलों में भी आगे बढ़ सकें।

Sachin Tendulkar Bastar visit: छोटे मैदान, बड़े सपने

इस पहल की खास बात यह है कि सीमित संसाधनों और छोटी जगहों में भी कैसे खेल मैदान विकसित किए जा सकते हैं, इसका प्रशिक्षण शिक्षकों को दिया जा रहा है। इससे ग्रामीण और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के बच्चों को भी खेल के बेहतर अवसर मिलेंगे।

स्थानीय विकास की दिशा में बड़ा कदम

बस्तर जैसे संवेदनशील और पिछड़े क्षेत्र में इस तरह की पहल न केवल बच्चों के सर्वांगीण विकास में मदद करेगी, बल्कि उन्हें सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ने का मौका भी देगी। खेल गतिविधियों के जरिए बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ेगा और वे मुख्यधारा से जुड़ पाएंगे।