रायपुर

भालू के हमले में सगे भाई-बहन की मौत के बाद बड़ा एक्शन, छत्तीसगढ़ में पहली बार होगी भालुओं की शिफ्टिंग

Chhattisgarh News: वन विभाग 30 भालुओं को ट्रैकुलाइज कर कांकेर से भानुप्रतापपुर, नारायणपुर, अबुझमाढ़ इलाके में शिफ्ट किया जाएगा। यह प्लान राजस्थान के सरिस्का टाइगर रिजर्व की तर्ज पर तैयार किया है..
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Updated: 24 Aug 2026, 10:35 AM IST
Bear attack in Mainpat
Bear attack on woman, (Photo source- Down to earth)

Chhattisgarh Forest department: प्रदेश में पहली बार राजस्थान के सरिस्का टाइगर रिजर्व की तर्ज पर कांकेर जिले से जल्दी ही भालुओं शिफ्ट किया जाएगा। उन्हें भानुप्रतापपुर, नारायणपुर, अबुझमाढ़ के जंगलों में छोड़ने की योजना है। योजना को अंतिम रूप देने के बाद सभी 30 भालुओं को ट्रैकुलाइज करने के बाद शिफ्ट किया जाएगा। भोेजन की तलाश में पिछले दो महीने से कांकेर शहर और आसपास के ग्राणीण इलाकों में भालुओं की घुसपैठ हो रही है। वह रिहायशी क्षेत्रों में नुकसान पहुंचा रहे थे।

बता दें कि 5 अगस्त 2026 को नरहरपुर वन परिक्षेत्र के मरकाटोला गांव में भालू ने दो सगे भाई-बहन को मार डाला था। वहीं, एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई थी। घटना के बाद स्थानीय लोगों के आक्रोश को देखते हुए उक्त भालू को पकड़ने के बाद जंगल सफारी शिफ्ट किया गया।

Chhattisgarh News: इसलिए होगी शिफ्टिंग

कांकेर जिला और उसके आसपास का क्षेत्र चारों ओर से 8 छोटी-बड़ी चारों तरफ से पहाडि़यों से घिरा हुआ है। पथरीली पहाडि़यों में भोजन और पानी नहीं होने के कारण वह रिहायशी इलाकों की ओर रुख करते हैं। भोजन की खुशबु मिलने पर वह घर, दफ्तर, होटल से लेकर अन्य सार्वजनिक स्थानों में घुस जाते हैं। बता दें कि प्रदेश में 500 से ज्यादा भालू हैं। इसमें सबसे ज्यादा महासमुंद, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही क्षेत्र में हैं।

पर्याप्त भोेजन और पानी

वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि बस्तर के भानुप्रतापपुर, नारायणपुर, अबुझमाढ़ के जंगलों में पर्याप्त मात्र में भोेजन और पानी है। जंगलों में कंद-मूल, फल और जड़ी-बूटी होने के कारण वह रिहायशी इलाकों की ओर रुख नहीं करेंगे। भालु अपने निवास क्षेत्र के 5 किमी के दायरे में विचरण करते हैं। शिफ्ट करने पर वह दोबारा पुरानी जगह पर नहीं आते हैं।

बैठक में मांगेंगे सुझाव

पीसीसीएफ एवं वन बल प्रमुख अरुण कुमार पाण्डेय ने बताया कि भालुओं को कांकेर से दूसरे स्थान पर शिफ्ट करने की योजना बनाई गई है। प्रस्ताव को अंतिम रूप देने के लिए अधिकारियों की बैठक बुलाई गई है। सभी के सुझाव के आधार पर भालुओं की संख्या तय की जाएगी।

Updated on:
24 Aug 2026, 10:35 AM IST
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