
रायपुर . आसमान में तेज चमकते सूरज की बढ़ती तपन का मौसम आ गया है और समय है अब आँखों की विशेष देखभाल करने का. सूरज की किरणों में छुपी हानिकारक अल्ट्रावायलेट किरणों से सामना इस समय आपकी आँखों को अनजाने में खतरे में डाल सकता है. प्रस्तुत हैं कुछ टिप्स तेज गर्मी से बचने और आँखों को विशेष देखभाल देने के.
इस बात को सुनिश्चित करें कि जब भी घर से बाहर निकलें, आँखों को धूप के चश्मों की सुरक्षा जरूर दें. साथ ही यह भी ध्यान रखें कि आपके द्वारा चुने गए धूप के चश्मे यूवी प्रोटेक्शन युक्त हों।
चश्मे खरीदते समय ऐसे डिज़ाइन चुनें जिनमें रैप अराउंड फ्रेम हो जो आँखों को पूरी तरह कवर करती हो. चश्मे के लेंस जितने चौड़े होंगे आँखों की सुरक्षा उतनी ही मजबूत होगी।
आँखों पर चश्मों के साथ ही सिर को सन हैट का सुरक्षा का कवच देना बुद्धिमानी भरा विकल्प होगा। यह आँखों के लिए भी अतिरिक्त सुरक्षा की ग्यारंटी होगी।
भले ही घर के बाहर का मौसम बादलों से भरपूर हो, आसमान में बदल छायें हों, चश्मा लगाना फिर भी न भूलें। अच्छे स्पोर्ट सनग्लासेस का प्रयोग करें ताकि आपकी आँखें अल्ट्रावायलेट किरणों से महफूज़ रहें।
इस मौसम में शरीर को पूरी तरह हाइड्रेटेड (नमी से भरपूर) बनाये रखना बहुत आवश्यक है, खासतौर पर आँखों और त्वचा के लिए. दिनभर में कम से कम 3 लीटर पानी पीना जरूरी है ।
स्वीमिंग गॉगल्स: स्वीमिंग इस मौसम में एक बहुत ही शानदार व्यायाम है। लेकिन पानी से भरे पूल में छलांग लगाते समय आँखों की सुरक्षा को न भूलें। पूल के पानी में मौजूद क्लोरीन की मात्रा आँखों में लाली और खुजली की वजह बन सकती है। इसलिए स्वीमिंग के दौरान अच्छी फिटिंग वाले गॉगल्स पहनें और बचाव के लिए ल्युब्रिकेटिंग आई ड्रॉप्स का भी उपयोग करें।
सनस्क्रीन: सनस्क्रीन लोशन का प्रयोग सावधानी से करें। इस लोशन या क्रीम को आँखों के सीधे सम्पर्क में नहीं आना चाहिए वरना यह आँखों में इरिटेशन का कारण बन सकता है। दुर्भाग्य से यदि इरिटेशन हो भी जाए तो साफ़ पानी से आँखों को अच्छी तरह साफ़ करें। यदि इसके बाद भी लाली और किरकिराहट या इरिटेशन बना रहता है तो आँखों के डॉक्टर से सम्पर्क करें।
डॉ. अभिषेक मेहरा, प्रसिद्ध नेत्र रोग विशेषज्ञ और सीएमओ छत्तीसगढ़ आई अस्पताल रायपुर छत्तीसगढ़