Raipur Crime: पूर्व विधानसभा अध्यक्ष धरमलाल कौशिक के साथ हुई लूट मामले में पुलिस ने आरोपी को लगभग 8 घंटे बाद गिरफ्तार कर लिया। वहीँ कांग्रेस ने बयान जारी किया है।
Raipur Crime: शहर में लुटेरे बेखौफ हैं। पूर्व विधानसभा अध्यक्ष और भाजपा विधायक धर्मलाल कौशिक से सोमवार को लूट हो गई। मॉनिंग वॉक के दौरान दोपहिया सवार बदमाश उनका मोबाइल लूटकर फरार हो गया। वहीं विपक्ष ने राजधानी में कमिश्नरी सिस्टम पर सवाल उठाए हैं। हालांकि पुलिस ने 8 घंटे के भीतर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। उससे लूट का मोबाइल बरामद हो गया है। पुलिस के मुताबिक पूर्व विधानसभा अध्यक्ष धरमलाल कौशिक सोमवार सुबह करीब 7.15 बजे मॉर्निंग वॉक में निकले थे। इस दौरान वे अपने मोबाइल में बात करते हुए पीडब्ल्यूडी आर्चब्रिज के पास पहुंचे थे। इस दौरान एक बाइक सवार युवक मौके पर पहुंचा। उसने झपट्टा मारकर उनका मोबाइल छीन लिया। इसके बाद वह भाग निकला।
इसकी सूचना मिलते ही पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। क्राइम ब्रांच और सिविल लाइन पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और आरोपी की तलाश शुरू कर दी। आसपास के सीसीटीवी कैमरों की जांच की गई। उसमें दिखे फुटेज के आधार पर आरोपी मणिकांत ध्रुव को पुलिस ने शक्तिनगर से गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से लूट का मोबाइल बरामद हुआ। आरोपी मूलत: बलौदाबाजार-भाटापारा का निवासी है। वर्तमान में शक्तिनगर में रहता है। कभी कभार रैपिडो चलाने का कार्य भी करता है।
पूर्व विधानसभा अध्यक्ष कौशिक पैदल मॉर्निंग वॉक कर रहे थे। इस दौरान उनके साथ गनमैन भी नहीं था। इसके चलते लुटेरे ने उन्हें आम नागरिक समझ लिया और उनका मोबाइल लूटकर भाग निकला। आमतौर पर विधायक, मंत्री या बड़े पदाधिकारियों की सुरक्षा में वीआईपी बटालियन के सशस्त्र जवानों की ड्यूटी लगाई जाती है।
इस घटना के बाद पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाएं हैं। उन्होंने सोशल मीडिया में लिखा है, छत्तीसगढ़वासी अपनी सुरक्षा स्वयं करें। उन्होंने आगे लिखा है, जब देश के गृहमंत्री छत्तीसगढ़ में हैं, उस समय मॉर्निंग वॉक के दौरान ऐसी घटना कथित सुशासन पर सवाल उठा रहा है। सुशासन तिहार नाम की चाशनी लपेटने से कड़वी सच्चाई का स्वाद नहीं बदलेगा।
धर्मलाल कौशिक का मोबाइल लूटने वाले आरोपी की गिरफ्तारी के बाद कांग्रेस नेता विकास उपाध्याय ने बयान जारी किया है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ पुलिस ने कुछ ही घंटों में मोबाइल खोज निकाला। मामले में 2 डीसीपी, 2 एडीसीपी, 3 टीआई समेत करीब 30 जवान तुरंत एक्टिव हो गए। उन्होंने सवाल उठाया कि आम लोगों के चोरी या गुम हुए मोबाइल मामलों में ऐसी तेजी क्यों नहीं दिखाई जाती? आम नागरिकों को अक्सर सिर्फ शिकायत नंबर, तारीख और इंतजार ही मिलता है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के लोगों को भी अपने खोए हुए मोबाइल वापस दिलाने की मांग करनी चाहिए।