CG News: बिलासपुर के कोटा क्षेत्र के चार गांवों का निरीक्षण कर आगे की कार्रवाई के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए। इस दौरान विद्युत कंपनी के अधीक्षण अभियंता एसके जांगड़े, ईई प्रोजेक्ट मिलिंद पांडेय, कोटा ईई राजेन्द्र गोंड समेत कई अधिकारी उपस्थित थे।
CG News: छत्तीसगढ़ के वनांचल के गांवों में सोलर ऊर्जा के माध्यम से बिजली की व्यवस्था की गई थी, वहां अब शीघ्र ही मुख्य बिजली लाइन (ग्रिड) से जोड़ा जाएगा। इससे इन गांवों में स्थायी बिजली आपूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी। गुरुवार को ऐसे क्षेत्रों का छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के प्रबंध निदेशक भीम सिंह कंवर अधिकारियों की टीम के साथ निरीक्षण किया।
उन्होंने बिलासपुर के कोटा क्षेत्र के चार गांवों का निरीक्षण कर आगे की कार्रवाई के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए।इस दौरान विद्युत कंपनी के अधीक्षण अभियंता एसके जांगड़े, ईई प्रोजेक्ट मिलिंद पांडेय, कोटा ईई राजेन्द्र गोंड समेत कई अधिकारी उपस्थित थे।
दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के चलते कोटा में स्थित सरगोड़, छुइहया, चिचवा डबरी और परसापानी गांवों में पहले सोलर प्लांट के जरिए बिजली पहुंचाई गई थी। किंतु अब बिजली कंपनी ने इन गांवों को मुख्य ग्रिड से जोडऩे की प्रक्रिया तेज कर दी है, जिससे ग्रामीणों को पर्याप्त बिजली उपलब्ध हो सकेगी।
वनांचल के कई गांव घने जंगलों से घिरे हुए हैं, अत: वहां तक बिजली लाइन खींचने के लिए फॉरेस्ट क्लीयरेंस की भी आवश्यकता होती है। इस संबंध में अधिकारियों ने एमडी भीम सिंह कंवर को अवगत कराया, जिस पर उन्होंने वन विभाग से क्लीयरेंस प्राप्त करने हेतु तत्काल आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए, ताकि चारों गांवों के विद्युतीकरण में किसी प्रकार की बाधा न आए।
दूरस्थ गांवों में शुरुआती दौर में सोलर प्लांट लगाए गए, जिनसे सीमित मात्रा में बिजली मिलती थी। इनसे घरों में लाइट, मोबाइल चार्जिंग और छोटे उपकरण चलाने जैसी बुनियादी जरूरतें पूरी हो पाती थीं, लेकिन यह आपूर्ति निरंतर और पर्याप्त नहीं थी।
जैसे-जैसे गांवों में बिजली की मांग बढ़ी—जैसे पंखे, टीवी, मोटर पंप, छोटे उद्योग—वैसे-वैसे मुख्य ग्रिड से जोड़ने की आवश्यकता महसूस हुई। ग्रिड से जुड़ने पर ग्रामीणों को 24 घंटे या अधिक समय तक स्थिर बिजली के साथ अधिक लोड क्षमता सहित कृषि और छोटे व्यवसायों को बढ़ावा जैसे फायदे मिलते हैं।
मुख्य बिजली लाइन पहुंचने की खबर से ग्रामीणों में भारी उत्साह है। अब वे सीमित सोलर बिजली पर निर्भर रहने के बजाय पंखा, टीवी और मोटर जैसे बिजली के उपकरणों का आसानी से उपयोग कर सकेंगे। ग्रिड की बिजली पहुंचने से क्षेत्र में विकास की रफ्तार भी तेज होगी।