रेलवे में नौकरी लगवाने के नाम पर करोड़ों रुपए लेन-देन के मामले का पर्दाफाश होने से जहां रेलवे महकमे में हड़कंप मचा हुआ है।
रायपुर. रेलवे में नौकरी लगवाने के नाम पर करोड़ों रुपए लेन-देन के मामले का पर्दाफाश होने से जहां रेलवे महकमे में हड़कंप मचा हुआ है। वहीं दूसरी ओर डीडीनगर पुलिस ने पकड़े गए आरोपियों को रिमांड में लिए बगैर बुधवार को कोर्ट पेश किया, जहां से तीनों को जेल भेज दिया गया। जबकि पुलिस अधिकारियों का कहना मामला काफी गंभीर है।
पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया है कि एक और सरगना शामिल है, जिसकी तलाश की जा रही है। आरोपियों का मोबाइल फोन जब्त कर लिया गया है। कॉल डिटेल्स से रेलवे यूनियन के नेताओं और रेलवे के कुछ अधिकारियों की मिलीभगत का भंडाफोड़ हो सकता है। जांच की जा रही है।
डीडीनमा पुलिस के अनुसार मुख्य आरोपी कृष्ण कुमार साहू, संतोष कुमार पाल और लुवेस कुमार साहू के पास भारतीय रेलवे माल गोदाम श्रमिक संघ का लेटर पैड बड़ी मात्रा में जब्त किया गया है। पूछताछ में यह सामने आया है कि इसी लेटर पैड के माध्यम से आरोपियों का गिरोह युवाओं को यह कहकर झांसे में लेते थे कि पहले रेलवे माल गोदाम श्रमिक संघ का जितने लोग सदस्य बनेंगे, उन्हें सबसे पहले नौकरी मिलेगी। इसके एवज में प्रति व्यक्ति 2-2 लाख रुपए जमा कराते थे।
रेलवे में नौकरी लगवाने के नाम पर आरोपियों की रेलवे यूनियन के कुछ नेताओं और रेलवे के अमले से गहरी मिलीभगत हो सकती है। आरोपियों की बातें किन-किन रेलवे महकमे के अमले से होती थी, उसकी जांच के लिए कॉल डिटेल्स निकवाई जा रही है। पकड़े गए तीन आरोपियों के अलावा एक अन्य व्यक्ति का भी पूछताछ में खुलासा हुआ है, जो फरार है। पुलिस उसकी तलाश करने की बात कह रही है।
रेलवे में नौकरी लगवाने के नाम पर लंबे समय से गिरोह सक्रिय है। इस तरह के मामले में खमतराई थाने में रिपोर्ट दर्ज है। लेकिन अभी तक पुलिस किसी बड़े स्तर के व्यक्ति के लिप्त होने जैसे पहलु का भंडाफोड़ नहीं कर सकी।जबकि रेलवे में नौकरी लगवाने के नाम पर रैकेट सक्रिय है। डीडीनगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत न्यू चंगोराभाठा से पकड़े गए आरोपियों के बारे में रेलवे के हेल्पलाइन नंबर 182 पर किसी से कॉल कर सूचना थी।