Navratri 2025: कॉलेज स्टूडेंट्स से लेकर स्कूल जाने वाले बच्चे तक नए स्टाइल में गरबा सीख रहे हैं। वर्कशॉप में मास्टर ट्रेनर दीपक छतीजा युवाओं को पारंपरिक और मॉडर्न दोनों तरह के स्टेप्स सिखा रहे हैं। उन्होंने बताया कि गरबा केवल डांडिया तक सीमित नहीं है।
Navratri 2025: शहर के जेन जेड इस बार गरबा नाइट में सिर्फ डांडिया घूमाकर ही नहीं, बल्कि नए-नए स्टेप्स से भी माहौल सजाने वाले हैं। राजधानी के विभिन्न गरबा वर्कशॉप में युवाओं की खासा भीड़ उमड़ रही है। यहां कॉलेज स्टूडेंट्स से लेकर स्कूल जाने वाले बच्चे तक नए स्टाइल में गरबा सीख रहे हैं। वर्कशॉप में मास्टर ट्रेनर दीपक छतीजा युवाओं को पारंपरिक और मॉडर्न दोनों तरह के स्टेप्स सिखा रहे हैं। उन्होंने बताया कि गरबा केवल डांडिया तक सीमित नहीं है।
इसमें चौकड़ी, चक दे, डांडिया, पंचिडा और ट्रेडिशनल गरबा जैसे दर्जनों स्टेप्स शामिल हैं। हम 100 से ज्यादा स्टेप्स युवाओं को सिखाते हैं। खास बात यह है कि हर स्टेप का अपना अलग फ्लो और एनर्जी है, जिससे गरबा में रंगत और बढ़ जाती है। बता दें कि पंचमी से गरबे की धूम रहेगी।
इस बार छोटे-बड़े मिलाकर 50 से ज्यादा इवेंट्स शहर में गरबा नाइट्स के रूप में आयोजित होने जा रहे हैं। आयोजक मान रहे हैं कि वर्कशॉप में सीखे नए स्टेप्स और ग्रुप परफॉर्मेंस के चलते हर इवेंट में अलग-अलग रंग दिखाई देंगे। ट्रेनर दीपक का कहना है कि गरबा का सबसे बड़ा आकर्षण इसके गाने हैं। पारंपरिक गुजराती गीतों के साथ ही इस बार बॉलीवुड और फ्यूजन म्यूजिक पर भी डांस होगा। उनका मानना है कि गरबा युवाओं के लिए केवल डांस नहीं, बल्कि संस्कृति से जुड़ने का अवसर भी है।
वर्कशॉप में शामिल युवाओं का उत्साह देखने लायक है। कॉलेज स्टूडेंट्स कह रहे हैं कि गरबा अब सिर्फ त्योहार तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह फिटनेस और सोशल कनेक्शन का जरिया भी बन गया है। ट्रेनिंग ले रहे श्रेयांस, सरिता और अंबिका ने बताया कि गरबा करने से हमें टीमवर्क का अहसास होता है, साथ ही यह एनर्जी से भर देता है।