
Chhattisgarh News: बीएससी नर्सिंग में जीरो परसेंटाइल से प्रवेश का फायदा केवल एक छात्रा को मिलते दिख रहा है। कुल 2212 छात्राओं ने प्रवेश के लिए पंजीयन कराया है। इसमें केवल एक छात्रा को व्यापमं के प्री नर्सिंग टेस्ट में शून्य अंक मिला है। छात्रा को किसी एक निजी नर्सिंग कॉलेज में एडमिशन मिलना तय है। जबकि सबसे ज्यादा अंक 47 नंबर है। वहीं 10 से कम अंक वालों में चार छात्राएं शामिल हैं। दूसरी ओर चिकित्सा शिक्षा विभाग ने 11 छात्राओं को प्रवेश के लिए अपात्र कर दिया है। जबकि उन छात्राओं के 28, 31 व 36 नंबर मिले हैं।
बीएससी में प्रवेश के लिए डीएमई कार्यालय ने तीसरी बार ऑनलाइन काउंसिलिंग कराया है। 19 से 23 फरवरी तक पंजीयन का समय दिया गया। जिन छात्राओं ने पंजीयन कराया है, वे संबंधित कॉलेजों में जाकर प्रवेश लेंगे। इसके लिए अलग से आवंटन सूची जारी नहीं की जाएगी। 27 व 28 फरवरी को दस्तावेजों का सत्यापन होगा और 29 फरवरी तक एडमिशन ले सकेंगे। बीएससी में और एडमिशन नहीं दिया जाएगा। बीएससी नर्सिंग ही ऐसा कोर्स है, जिसकी काउंसिलिंग अगस्त से शुरू होकर फरवरी तक चल रही है। पहले 31 अक्टूबर, फिर 30 नवंबर प्रवेश की आखिरी तारीख थी। इसके ढाई माह बाद अचानक इंडियन नर्सिंग काउंसिल ने 29 फरवरी तक प्रवेश की तारीख बढ़ा दी। राज्य शासन ने जीरो परसेंटाइल से प्रवेश की अनुमति भी दे दी।
हालांकि एक के अलावा किसी भी शून्य अंक वाली छात्रा ने पंजीयन में रूचि नहीं दिखाई। पंजीयन में रूचि नहीं दिखाने का मतलब ये है कि वे प्रवेश भी लेना नहीं चाहते।
जीरो परसेंटाइल की प्रत्याशा में पहले ही दे दिया एडमिशन
जीरो परसेंटाइल की प्रत्याशा में कुछ निजी नर्सिंग कॉलेज वालों ने पहले ही कम अंक वाली छात्राओं को प्रवेश दे दिया है। उन्हें संभवत: मालूम था कि शासन जीरो परसेंटाइल से प्रवेश की अनुमति देगा। जानकार बताते हैं कि ऐसा करने वाले कॉलेजों में कुछ नामी कॉलेज भी है। वहीं कुछ दूरदराज के कॉलेजों के नाम सामने आ रहे हैं। पहले से प्रवेश देना गलत है, लेकिन इसमें अब प्रवेश की तारीख अब की डाली जाएगी। कई निजी कॉलेजों में जीरो परसेंटाइल के हिसाब से कम अंक वाली छात्राओं की सीटें बुकिंग कर दी गई थीं।