स्टूडेंट्स के लिए अच्छी खबर। रेलवे ने स्टूडेंट्स के लिए 150 किमी तक नि:शुल्क यात्रा कराने की जो घोषणा की थी, उस पर अमल शुरू हो गया है।
रायपुर . कॉलेज में पढऩे वाले स्टूडेंट्स के लिए अच्छी खबर। रेलवे ने स्टूडेंट्स को 150 किमी तक नि:शुल्क यात्रा कराने की जो घोषणा की थी, उस पर अमल शुरू हो गया है। बिलासपुर जोन के दायरे में राजनांदगांव, डोंगरगढ़ से बिलासपुर के बीच कॉलेज में पढ़ाई के लिए आने-जाने विद्यार्थियों को केवल कॉलेज प्रबंधन से लिखवाकर रेलवे के काउंटर पर जाना होगा।
इसके बाद रेलवे मासिक सीजन पास बनाकर देगा। इसके लिए कोई शुल्क नहीं देना होगा। इस निर्णय से मंडल में करीब 8 से 10 हजार स्टूडेंट्स को लाभ होगा। रेलवे अधिकारियों के अनुसार अब तक एेसे स्टूडेंट्स को पास रेलवे देती रही है, लेकिन उसके लिए नाममात्र का शुल्क निर्धारित था, जिसे अब समाप्त कर नई योजना पर अमल लाते हुए अब स्टूडेंट्स को उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित किए जाने का निर्णय लिया है। इसके लिए स्टूडेंट्स को मान्यता प्राप्त कॉलेज में नियमित प्रवेशित होना जरूरी है।
स्टूडेंट्स को रेलवे जारी करेगा ये पास
स्टूडेंट्स को कॉलेज प्रबंधन से मिलने वाले फॉर्म को भरना होगा। इसके बाद कॉलेज प्रबंधक के हस्ताक्षर करवाकर प्लेटफॉर्म नंबर एक तरफ जनरल टिकट काउंटर पर जहां मासिक सीजन पास बनते हैं, वहां अपने पासपोर्ट फोटो लेकर जाना होगा। इसके बाद 150 किमी के दायरे में आने वाले विद्यार्थियों को रेलवे ये पास जारी करेगा।
आने-जाने में बड़ा लाभ
बिलासपुर जोन के अंतर्गत राजनांदगांव, डोंगरगढ़, दुर्ग , भाटापारा, बिलासपुर जैसे क्षेत्रों रायपुर एनआईटी, इंजीनिरिंग कॉलेज, यूनिवर्सिटी सहित भिलाई के कई बड़े इंजीनिरिंग संस्थानों में हर दिन पढऩे आने वाले मध्यम एवं आरक्षित वर्ग के लड़के-लड़कियां अलग-अलग ट्रेनों से आते हैं। उन्हें सीधा लाभ मिलेगा। ट्रेन में चेकिंग के दौरान उन्हें हर्जाना नहीं देना पड़ेगा।
रायपुर के सीनियर पब्लिसिटी इंस्पेक्टर शिव प्रसाद पंवार ने कहा कि रेलवे प्रशासन की योजना पर अमल शुरू कर दिया गया है। एमएसटी संबंधी आवेदनों का निराकरण कमर्शियल इंस्पेक्टर के अधिकारी द्वारा किया जाता है।