Forest Guard Recruitment: युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी है। राज्य में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अंतर्गत 1484 वनरक्षक पदों पर भर्ती की प्रक्रिया जल्द शुरू होने जा रही है।
Forest Guard Recruitment: वन विभाग में वनरक्षक (फारेस्ट गॉर्ड) के 1484 रिक्त पदों पर जल्दी ही सीधी भर्ती होगी। इसके लिए शारीरिक दक्षता परीक्षा के बाद अभ्यर्थियों की सूची छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापमं) को भेजी गई है। साथ ही जल्दी ही लिखित परीक्षा कराने का अनुरोध किया गया है। बताया जाता है कि भर्ती से संबंधित सभी प्रशासनिक औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं। बता दें कि वनरक्षक के रिक्त पदों के लिए आवेदन 22 मई से 11 जून 2023 के बीच मंगवाए गए थे। बाद में उक्त पदों के लिए आवेदन की अंतिम तिथि को बढ़ाकर 1 जुलाई 2024 किया गया था।
जानकारी के अनुसार, शारीरिक दक्षता परीक्षा सफलतापूर्वक संपन्न हो चुकी है। इसमें सफल पाए गए अभ्यर्थियों की सूची लिखित परीक्षा के आयोजन हेतु छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापमं) को भेज दी गई है। छत्तीसगढ़ वन विभाग में वनरक्षक की भर्ती व्यापम का समन्वय लिखित परीक्षा का आयोजन व्यापम द्वारा किया जाएगा। विभाग ने व्यापम से परीक्षा तिथि शीघ्र घोषित करने का औपचारिक अनुरोध किया है। भर्ती से संबंधित सभी प्रशासनिक औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं।
वन विभाग ने भर्ती प्रक्रिया में शामिल अभ्यर्थियों से धैर्य बनाए रखने की अपील की है। विभाग का कहना है कि शासन युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने और भर्ती प्रक्रिया को निष्पक्ष ढंग से पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। जल्द ही लिखित परीक्षा की तारीख और अन्य जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे। वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक भर्ती से जुड़ी सभी प्रशासनिक औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं। सरकार इस भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पूरा करने पर जोर दे रही है, ताकि युवाओं को जल्द रोजगार का अवसर मिल सके।
आपको बता दे छत्तीसगढ़ में 1484 वन रक्षक भर्ती प्रक्रिया लंबे समय से अटकी हुई है,जिससे अभ्यर्थियों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। लिखित परीक्षा की मांग को लेकर बड़ी संख्या में अभ्यर्थी रायपुर में वन मंत्री के बंगले पहुंचे और जल्द परीक्षा आयोजित कराने की मांग की। वन रक्षक भर्ती प्रक्रिया के तहत फिजिकल टेस्ट 16 से 20 दिसंबर 2024 तक आयोजित किया गया था। फिजिकल टेस्ट के बाद 16 हजार 762 अभ्यर्थियों को लिखित परीक्षा के लिए पात्र घोषित किया गया था।