रायपुर

‘न नौकरी पक्की, न पूरी तनख्वाह’, इन 3 मांगों को लेकर रायपुर सड़क पर उतरे अतिथि प्राध्यापक

Guest Lecturer Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ के शासकीय महाविद्यालयों के अतिथि व्याख्याता वेतन, सेवा सुरक्षा और नियमित सुविधाओं की मांग को लेकर फिर सड़क पर उतर आए हैं।
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Jul 16, 2026
Guest Faculty Protest
अतिथि व्याख्याताओं का फूटा गुस्सा (photo source- Patrika)

Guest Lecturer Protest: प्रदेश के शासकीय महाविद्यालयों में पढ़ाने वाले अतिथि व्याख्याताओं की तकलीफें बढ़ती जा रही है। एक बार फिर वे अपनी मांगों को लेकर सड़क पर उतर आए हैं। उनका आरोप है कि एक तरफ कॉलेजों में शिक्षकों की भारी कमी है, वहीं दूसरी तरफ उन्हें छुट्टियों का वेतन तक नहीं मिलता और पीरियड के हिसाब से भुगतान किया जाता है। संघ का कहना है कि नियम-2024 की विसंगतियों के कारण युवा प्राध्यापकों का भविष्य प्रभावित हो रहा है।

CG Faculty Protest: दूसरे राज्यों में दी जा रही बेहतर सैलरी

छत्तीसगढ़ मूल निवासी शासकीय महाविद्यालय अतिथि व्याख्याता कल्याण संघ ने सरकार के सामने कई मांगें रखी हैं। संघ का कहना है कि प्रदेश में अतिथि व्याख्याताओं को न तो सम्मानजनक मानदेय मिल रहा है और न ही नियमित कर्मचारियों जैसी सुविधाएं। हालत यह है कि छुट्टी के दिन का मानदेय काट लिया जाता है। आरोप है कि वर्ष 2024 में बनाए गए नियमों की कई विसंगतियों के कारण उन्हें आर्थिक और पेशेवर नुकसान उठाना पड़ रहा है।

इस संबंध में बीते दिनों छत्तीसगढ़ मूल निवास महाविद्यालय अतिथि व्याख्याता कल्याण संघ ने उच्च शिक्षा मंत्री टंकराम वर्मा से भी मुलाकात की थी। संघ के प्रदेशाध्यक्ष लव कुमार वर्मा ने बताया कि कई होनहार युवा पड़ोसी राज्यों मेें पलायन को मजबूर हैं। दूसरे राज्यों में बेहतर सैलरी दी जा रही है।

पड़ोसी राज्यों में 57 हजार का वेतन

संगठन का दावा है कि हरियाणा, मध्यप्रदेश और अन्य राज्यों में अतिथि व्याख्याताओं को 57 हजार रुपये या उससे अधिक का मासिक मानदेय दिया जा रहा है, जबकि छत्तीसगढ़ में स्थिति इससे काफी अलग है। प्रति कक्षा 2400 रुपये मानदेय से जुड़े प्रावधानों का भी प्रभावी तरीके से पालन नहीं हो रहा है। यहां 300, 400, 500, 700, 800 अलग-अलग दर से वेतन की गणना हो रही है। उनका कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

अतिथि व्याख्याताओं की प्रमुख मांगें

  • 3 वर्ष सेवा पूरी करने वालों को 65 वर्ष तक सेवा सुरक्षा मिले।
  • मासिक 57,700 एकमुश्त मानदेय तय किया जाए।
  • भविष्य निधि और महंगाई भत्ते का लाभ मिले।
  • आकस्मिक एवं सवैतनिक अवकाश की सुविधा दी जाए।

Education News Chhattisgarh: स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता

  1. भर्ती में छत्तीसगढ़ के मूल निवासियों को पहले अवसर की मांग।
  2. मेरिट सूची में बाहरी अभ्यर्थियों की अलग सूची बनाने का प्रस्ताव।
  3. समान श्रेणी में राज्य के अभ्यर्थियों को प्राथमिकता देने की मांग।
  4. विस्थापन की स्थिति में भी स्थानीय अभ्यर्थियों का संरक्षण हो।

भर्ती और आरक्षण से जुड़े सुझाव

  1. सहायक प्राध्यापक भर्ती में 25 प्रतिशत पद अतिथि व्याख्याताओं के लिए आरक्षित हो।
  2. कम से कम एक शैक्षणिक सत्र का अनुभव रखने वालों को लाभ मिले।
  3. पीएससी भर्ती में अधिकतम 10 वर्ष की आयु सीमा में छूट दी जाए।
Updated on:
16 Jul 2026 01:18 pm
Published on:
16 Jul 2026 12:28 pm