Raipur News: रामकृष्ण केयर हॉस्पिटल के डायरेक्टर डाॅ. संदीप दवे ने अपनी टीम के डॉ. सिद्धार्थ तमस्कर विभागाध्यक्ष, मिनिमल एक्सेस सर्जरी, डॉ. जव्वाद नक़वी, डॉ. विक्रम शर्मा और डॉ. शमीक डेव के साथ मिलकर सफल ऑपरेशन किया।
Raipur News: रामकृष्ण केयर अस्पताल के डॉक्टरों ने 102 साल की महिला के हार्निया का सफलतापूर्वक ऑपरेशन कर उसे दर्द से छुटकारा दिलाया है। रायपुर की पुष्पा देवी (परिवर्तित नाम) को पिछले 12 वर्षों से सुप्राअम्बिलिकल हर्निया (नाभि के ऊपर होने वाला हर्निया) था। जो धीर-धीरे बढ़ता गया और अंततः अवरुद्ध (ऑब्स्ट्रक्टेड) हो गया।
इस कारण महिला को तेज दर्द होने लगा और यह उनकी जान के लिए खतरा बन गया। इसी दौरान उन्हें पित्ताशय (गॉलब्लैडर) में पथरी की भी समस्या का पता चला, जिससे ऑपरेशन और जटिल हो गया।
रामकृष्ण केयर हॉस्पिटल के डायरेक्टर डाॅ. संदीप दवे ने अपनी टीम के डॉ. सिद्धार्थ तमस्कर विभागाध्यक्ष, मिनिमल एक्सेस सर्जरी, डॉ. जव्वाद नक़वी, डॉ. विक्रम शर्मा और डॉ. शमीक डेव के साथ मिलकर सफल ऑपरेशन किया। डॉ. दवे ने बताया कि ऑपरेशन के बाद मरीज को केवल चार दिनों में डिस्चार्ज कर दिया गया और एक सप्ताह के भीतर वह अपनी सामान्य दिनचर्या में लौट आईं। उन्होंने कहा कि इस मामले में टीम ने समय रहते ऑपरेशन करके महिला को दर्द से मुक्ति दिलाई।
एम्स के डॉक्टरों ने किया कमाल
एम्स के डॉक्टरों ने थ्रेसर से कटकर अलग हुए हाथ को जोडऩे में सफलता हासिल की है। हालांकि उस हाथ के सामान्य तरह से काम करने में समय लग सकता है। 70 वर्षीय किसान थ्रेसर से भूसा बना रहा था। इसी दौरान हाथ पट्टे में फंस गया और टूटकर अलग हो गया। घटना के दो घंटे के भीतर अस्पताल लाने पर डॉक्टरों ने इसे इमरजेंसी केस की तरह लिया और हाथ जोडऩे में कामयाब रहे। पढ़े पूरी खबर
रामकृष्ण अस्पताल में सफाईकर्मियों की मौत मामले में ठेकेदार पर FIR दर्ज
रायपुर के रामकृष्ण केयर अस्पताल में हुए दर्दनाक सेप्टिक टैंक हादसे के बाद पुलिस ने सख्त कार्रवाई की है। टिकरापारा थाना पुलिस ने इस मामले में ठेकेदार के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। प्रशासन की ओर से स्वयं प्रार्थी बनकर कार्रवाई की गई है, जिससे मामले की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है। आरोपी ठेकेदार किशन सोनी के खिलाफ जांच शुरू कर दी गई है। घटना 17 मार्च की बताई जा रही है, जब भाठागांव स्थित बीएसयूपी कॉलोनी के तीन श्रमिक—प्रशांत कुमार (32), अनमोल मचकन (25) और गोविंद सेंद्रे (35) अस्पताल के सेप्टिक टैंक की सफाई के लिए उतरे थे। टैंक के भीतर मौजूद जहरीली गैस के संपर्क में आने से तीनों की मौके पर ही मौत हो गई। पढ़े पूरी खबर