
रायपुर. भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) ने छत्तीसगढ़ संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग को तीन स्थलों (साइट) पर खुदाई का लाइसेंस दिया है। इनमें से तरीघाट में रविवार से खोदाई (उत्खनन) की प्रक्रिया शुरू हो गई। रविवार को संस्कृति मंत्री अमरजीत भगत ने उत्खनन साइट पर पहुंचकर कुदाल चलाकर उत्खनन की शुरुआत की। इस दौरान पर संस्कृति सचिव पी. अन्वलगन, संचालक अनिल साहू और पुरातत्व उप संचालक एवं पुरातत्वेत्ता जेआर भगत मौजूद रहे। पाटन स्थित तरीघाट में 2012-13 में छत्तीसगढ़ संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग ने खोदाई की गई थी। यहां 3000 साल पुराना इतिहास मिला था। महत्वपूर्ण उपलब्धि टेराकोटा के जिराफ को माना गया था। अब सात साल बाद दोबारा एएसआई ने तरीघाट में खोदाई का लाइसेंस दिया है। पांच एकड़ में फैले इस क्षेत्र के टिकरा टीला क्षेत्र में खोदाई का काम होगा। 30 सिंतबर तक उत्खनन चलेगा।यह माना जा रहा है कि तरीघाट से खारून नदी के किनारे की प्राचीन बसाहट से लेकर कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आ सकती हैं। तरीघाट के अलावा आरंग के समीप ग्राम रीवा और पाटन के जमराव में खोदाई करने का लाइसेंस मिला है।