Holi Festival 2024: होली के दिन चंद्र ग्रहण का साया है। इसलिए शुभ मुहूर्त से पहले होलिका दहन करना शुभ नहीं माना जा रहा है....
Holi festival In Chhattisgarh: होली का रंग शहर में चढ़ने लगा है। जगह-जगह ढोल-नगाड़ा खरीदने से लेकर तैयारियां जोरों पर है। पंडित मनोज शुक्ला के अनुसार इस बार होलिका दहन के लिए 24 मार्च को रात 11.15 बजे शुभ मुहूर्त है। क्योंकि इस दौरान न तो भद्रा रहेगी न ही चंद्रग्रहण मान्य है। ग्रहण का छत्तीसगढ़ में कोई असर नहीं पड़ रहा है, इसलिए सूतक की चर्चाएं निराधार हैं। होलिका दहन के लिए भद्रा रात 11 बजकर 13 मिनट तक है। इसलिए इससे पहले होलिका दहन करना शुभ नहीं माना जाता है।
बाजारों से लेकर मोहल्ले और कॉलोनियों में होलिका दहन के लिए लकड़ी-कंडा एकत्रित किए जाते हैं। कई जगह सड़कों पर ढेर लग चुका है। नगर निगम ने ट्रैक्टर ट्रॉली में कई जगह मुरम सड़क पर गिराने का काम शुरू किया है। वहीं शहर में उत्सव और उमंग का रंग-गुलाल उड़ने लगा है। विभिन्न संगठनों द्वारा होली उत्सव मनाने की शुरुआत हो चुकी है। शुक्रवार को रविवि गेट के करीब मेन जीई रोड के किनारे टेंट लगाकर उत्सव मनाने की धूम सी थी।
Holi 2024: कचना स्थित रहेजा निर्वाणा-2 में शुक्रवार को होली मिलन कार्यक्रम आयोजित किया गया। रहेजा ग्रुप एवम अष्टवियायक रियल्टीज की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में अष्टविनायक रियल्टीज परिवार के सदस्यों के साथ ही सभी ग्राहकों और निवेशकों को आमंत्रित किया गया। होली मिलन समारोह में रहेजा ग्रुप के डायरेक्टर संजय रहेजा और अष्टविनायका रियलिटीज के डायरेक्टर संतोष लोहाना मौजूद रहें। कार्यक्रम में होली की उमंग, रंगों की तरंग, रैन डांस, सुरुचि भोज रखा गया था।
वृंदावन की तर्ज पर मनाया फाग उत्सव
कचना रोड स्थित अशोका रतन सोसायटी में शुक्रवार को सुंदरकांड महिला मंडल ने फाग उत्सव मनाया। समिति की अध्यक्ष उषा अग्रवाल व निशा अग्रवाल ने बताया कि यह फाग उत्सव वृंदावन की तर्ज पर मनाया गया।
जिसमें बड़ी संख्या में सोयायटी की महिलाएं शामिल हुईं। महिलाओं ने विभिन्न परिधान में राधा-कृष्ण, ग्वाल-बाल सखी का रूप धर नृत्य पेश किया। लल्लू महाराज व अंशु महाराज भजन मंडली ने दोपहर 3 बजे से संगीतमय सुंदरकांड पाठ किया। इसके बाद रंग-बिरंगे अबीर गुलाल, गेंदा, गुलाब और टेसू के फूलों से तैयार रंग श्रीराधा कृष्ण को लगाकर फाग भजनों व राजस्थानी धमाल में आनंद लिया। शाम 7 बजे महाआरती कर प्रसाद वितरण किया गया जिसमें नाना प्रकार के व्यंजनों का भोग व केशर युक्त ठंडाई बांटी गई। फाग उत्सव में निर्मला अग्रवाल, पुष्पा अग्रवाल, अनिता अग्रवाल, सरोज अग्रवाल, शशि अग्रवाल, अंजू व ममता अग्रवाल का सहयोग रहा।
Holi Festival 2024: होली में लुप्त हो रही सूतक की परंपरापंडित मनोज शुक्ल के अनुसार सूतक मुख्य रूप से तीन स्थितियों में लगता है। जब घर-परिवार में किसी की मृत्यु हो जाती है। दूसरा सूतक जन्म सूतक परंपरा के अनुसार छठी, दसठान, बरही, इक्कीसा, सवा महीने तक भी चलता है। तीसरा सूतक - चंद्र व सूर्य ग्रहण के समय मना जाता है। जो ग्रहणकाल से 9-12 घंटे पूर्व से आरंभ होकर केवल ग्रहणकाल की अवधि तक माना जाता है। होली में भी सूतक की प्राचीन परंपरा है, लेकिन लोगों को जानकारी के अभाव में या व्यस्त दिनचर्या में अब यह लगभग लुप्त होती जा रही है।
विभिन्न संगठनों का होली मिलन आज
छत्तीसगढ़ी ब्राह्मण समाज: 23 मार्च को होली मिलन और महामूर्ख सम्मेलन आयोजित किया गया है। विप्र सांस्कृतिक भवन प्रबंध समिति का इस कार्यक्रम में शाम 5.30 बजे बजे मुख्य अतिथि मंत्री बृजमोहन अग्रवाल होंगे। (holi festival 2024) समिति के अध्यक्ष नरेन्द्र तिवारी ने बताया कि फूलों की होली के साथ मस्ती और धमाल के बीच ’’लोकमया छत्तीसगढ़ी’’ द्वारा हास्य व्यंग्य और फाग गीतों की बहार रहेगी।
गुरुनानाक चौक व्यापारी संघ: संघ के अध्यक्ष सुरिन्द्रर सिंह, सचिव विजय शादीजा एवं कोषाध्यक्ष हरीश छाबड़ा ने बताया कि शनिवार को होली मिलन का रंगारंग कार्यक्रम दोपहर 1 बजे कपिल मुनि कॉम्पलेक्स, भोलेनाथ मंदिर प्रांगण गुरुनानक चौक में रखा गया है। इसमें व्यापारी सहित अनेक लोग शामिल होंगे।
सजी फागुनी गीतों की महफिल
बेटी बचाओ मंच विप्र नगर की ओर से श्रद्धा सदन में देवी महिमा भजन तथा फागुनी गीत संगीतमय की महफिल जोरदार ढंग से सजी। (holi 2024) मंच के पदाधिकारियों ने संगीतमय धुन पर ढोलक, मंजीरा, खंजरी के साथ टीका प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम में मंच के प्रदेश अध्यक्ष ललित मिश्रा, विप्र नगर अध्यक्ष शशि यादव, नमिता डडसेना, रश्मि कश्यप, श्रद्धा उपाध्याय, मुन्नी साहू, गायत्री तिवारी, सीमा कश्यप सहित पदाधिकारी शामिल हुए।