पढाई का झांसा दे घर लेकर 2 साल तक बच्ची को बनाया बंधक
बिलासपुर . [typography_font:14pt;" >मेमसाब और साहब मानसिक और शारीरिक प्रताडऩा देते थे। दो साल तक मुझे बंधक बनाकर बुरी तरह मारपीट की। इस हद तक पीटते थे कि डंडा भी टूट जाता था। मेरी उंगली की हड्डी टूट गई, लेकिन वे मारते नहीं थकते थे। ये उस युवती का बयान है, जिसे सिविल लाइन थाने के एएसआई दंपती द्वारा दो साल तक प्रताडि़त किया गया। युवती के बयान के बाद सिरगिट्टी पुलिस ने एएसआई दंपती के शुक्रवार को अपराध दर्ज कर लिया है। सिरगिट्टी पुलिस के अनुसार, हाईटेक बस स्टैंड के पीछे अभिलाषा परिसर के मकान नंबर 34 में रहने वाले सिविल लाइन थाने के एएसआई शैलेन्द्र सिंह व उनकी पत्नी शशि सिंह बीजापुर जिले के गंगालूर निवासी मुन्नी पिता चाम्बू पुनेम (18) को पढ़ाने और घर में बच्चों की देखरेख करने का झांसा देकर बिलासपुर ले आए थे। दो सप्ताह तक उन्होंने मुन्नी को बच्चे की तरह रखा। इसके बाद उसे मानसिक और शारीरिक प्रताडऩा देने लगे। 29 मई को एएसआई दंपती ने सीपत की हेमलता पटेल को घर के कामकाज के लिए काम पर रखा था। उसने मुन्नी की हालत देखकर चाइल्ड लाइन हेल्पलाइन नंबर 1098 पर खबर दी। चाइल्ड लाइन की टीम सखी सेंटर औ सिरगिट्टी पुलिस के साथ गुरुवार को एएसआई के घर पहुंची, और कमरे में बंद मुन्नी को छुड़ाया। शुक्रवार को महिला थाने में मुन्नी का बयान दर्ज किया गया।मानवता को तार-तार करने एक और मामला सामने आया है जिसमें एक एएसआई और शिक्षिका दंपत्ति ने 2 साल की एक लड़की को पढ़ने और घर में बच्चों की देखरेख का झांसा देकर बिलासपुर ले आये थे। सिविल लाइन थाना में एएसआई शैलेन्द्र सिंह और पत्नी डॉ शशि सिंह (शिक्षिका) ने अपने घर में 2 साल से एक लडक़ी को बंधक बना कर रखा हुआ था। 2 साल पहले बिलासपुर ट्रांसफर होते वक्त दम्पति घर में काम करने के लिए दंतेवाड़ा से एक लडक़ी को अपने साथ लेकर आ गए थे।उसे अपने घर पर ही रखा था और कुछ भी गलती होने पर उसके साथ मार पीट करते थे।
2 साल पहले बिलासपुर ट्रांसफर होते वक़्त दंपत्ति घर में काम करने व बच्चों की देखरेख करने के लिए मुन्नी पिता चाम्बू पुनेम (18) को पढ़ाने का झांसा देखर अपने साथ लेकर आये थे। दो सप्ताह तक उन्होंने मुन्नी को बच्चों की तरह रखा। इसके बाद उसे मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना देने लगे और उसे मरने पीटने लगे।
दो-तीन दिन पहले इस दंपत्ति ने अपने घर में सीपत से हेमलता पटेल को काम करने व खाना बनाने के लिए रखा। मुन्नी को देखकर हेमलता को शक हुआ फिर मुन्नी ने हेमलता को पूरी बात बताई और उससे मदद मांगी। मुन्नी की हालत देख हेमलता ने चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 पर खबर दी। चाइल्ड लाइन की टीम सखी सेंटर औ सिरगिट्टी पुलिस के साथ गुरुवार को एएसआई के घर पहुंची, और कमरे में बंद मुन्नी को छुड़ाया। शुक्रवार को महिला थाने में मुन्नी का बयान दर्ज किया गया।
मामले में स्फूर्ति दिखाते हुए आईजी के आदेश पर गुरुवार को सिरगिट्टी स्थित अभिलाषा परिसर में दम्पति के घर से लडक़ी को बचा कर निकाला गया। रेस्क्यू टीम जब दम्पति के घर पहुंची तब दोनों नदारद थे और अब तक उनकी कोई खबर नहीं है। रेस्क्यू कर बचायी गयी लड़की का नाम मुन्नी सुमेन(18) है और बीजापुर की है। पुलिस जब रेस्क्यू करने पहुंची तो लड़की को छुड़ाने के बाद उसने अपने शरीर पर जगह जगह चोट और प्रताड़ना के निशाँ दिखाए। चेहरे पर भी कई जगह चोट है और आँख के निचे कालापन देखा जा सकता है।
सिरगिट्टी पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर एएसआई शैलेन्द्र सिंह व पत्नी शशि सिंह के खिलाफ धारा 294, 506, 323, 342, 34 और एसटीएससी एक्ट के तहत धारा 3(1) (8), 3(2) का अपराध किया। अभी एएसआई दंपत्ति गिरफ्तार नहीं हो पाई है।